जैसलमेर के कोतवाली थाने में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में श्रीगंगानगर में संगठन ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने संबंधित थानाधिकारी और हेड कॉन्स्टेबल को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। संगठन का कहना है कि कारगिल विजय दिवस पर तिरंगा यात्रा की सूचना देने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार किया गया। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। तिरंगा यात्रा की सूचना देने पहुंचे, थाने में बैठाने और मारपीट का आरोप जिला संयोजक ज्ञापनदीप बिश्नोई ने बताया - 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों की स्मृति में तिरंगा यात्रा निकाली जानी थी। इसकी पूर्व सूचना देने के लिए दोपहर करीब 1 बजे एबीवीपी कार्यकर्ता जैसलमेर के कोतवाली थाने पहुंचे थे। आरोप है कि सूचना लेने के बजाय थानाधिकारी सूरजाराम और हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें बिना किसी कारण थाने में बैठा लिया। इसके बाद उनके साथ धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग ज्ञापनदीप बिश्नोई ने कहा कि यह घटना सिर्फ पुलिस की गरिमा के खिलाफ नहीं है, बल्कि कारगिल विजय दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर राष्ट्रध्वज और वीर सैनिकों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने मांग की कि थानाधिकारी सूरजाराम और हेड कॉन्स्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी एबीवीपी ने चेतावनी दी - यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आमजन और राष्ट्रभक्त नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।