जालोर शहर के सुंदेलाव तालाब की सतह पर सैकड़ों मरी मछलियां दिखने के बाद लोगों में आक्रोश है। तालाब में लगातार बड़ी तादाद में मछलियां मरने की घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर लोगों का कहना है कि मछली पकड़ने का टेंडर लेने वाले ठेकेदार जहरीला केमिकल डालकर मछलियों को मार रहे हैं। लोगों ने तालाब की सफाई और मामले की जांच की मांग की है। समाजसेवी शंकर सिंह बगेडिया ने जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- सुंदेलाव तालाब जालोर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इस पवित्र तालाब में सीवरेज का गंदा पानी जा रहा है। पानी भयंकर दूषित हो चुका है। मछलियां लगातार मर रही हैं। प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे। ठेकेदारों पर केमिकल डालने का आरोप शहर के हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने कहा- मछलियों को पकड़ने के लिए टेंडर लेने वाले ठेकेदार ने तालाब के पानी में जहरीला केमिकल डाला है। इसी वजह से इतनी बड़ी संख्या में मछलियां मरी हैं। इस संबंध में नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही तुरंत सफाई अभियान शुरू करने की भी मांग है। स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें लोगों का कहना है कि तालाब में पड़ी मृत मछलियों को तुरंत बाहर निकाला जाए। ताकि पानी और ज्यादा दूषित न हो। पानी में मछलियां पड़ी रहने से महामारी का खतरा भी है। मछलियों के मरने के पीछे केमिकल की भूमिका है या सीवरेज के पानी की, इसकी लैब टेस्टिंग कराकर जांच की जानी चाहिए। सीवरेज-नालों का पानी डाइवर्ट किया जाए स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने और दोषियों पर कार्रवाई करने में जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। प्रशासन जल्द से जल्द खाका तैयार करे और गंदे नालों और सीवरेज के पानी को डायवर्ट करे ताकि गंदा पानी तालाब में न जाए। मछलियों की मौत के कारणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यह खबर भी पढ़े…जालोर में तालाब में मर रही मछलियां:ग्रामीण बोले- ये अशुभ, किसी ने केमिकल डाला होगा; बदबू से परेशान लोग जालोर के सुंदेलाव तालाब में मर रही हैं मछलियां:किनारों पर लगा ढेर, ऑक्सीजन की कमी; बड़ी मछलियां हटाईं, पानी में चूना डालेंगे