पंचायत चुनाव में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए हाईकोर्ट के कथित फर्जी आदेश के इस्तेमाल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस वॉट्सएप मैसेज के जरिए कथित आदेश सूरजगढ़ एसडीएम तक पहुंचा था, उसे भेजने वाले बैंक अधिकारी ने कांग्रेस विधायक और उनके बेटे का नाम लिया है। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक उमेश भूकर का दावा है कि यह मैसेज उन्हें कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश ने भेजा था। विधायक श्रवण कुमार उस समय उनके साथ मौजूद थे और उनके कहने पर ही उन्होंने दस्तावेज एसडीएम को फॉरवर्ड किया था। भूकर के अनुसार, उन्होंने आदेश को पढ़े बिना ही आगे भेज दिया था। उन्होंने मैसेज मिलने और फॉरवर्ड करने का समय तक बताया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भूकर बोले- तीन मिनट में ही फॉरवर्ड कर दिया था
उमेश भूकर ने वॉट्सएप संदेशों का समय बताते हुए कहा कि शुक्रवार दोपहर 3:14 बजे उन्हें जयप्रकाश की ओर से कथित हाईकोर्ट आदेश प्राप्त हुआ। इसके एक मिनट बाद यानी 3:15 बजे उन्होंने इसे सूरजगढ़ एसडीएम को फॉरवर्ड कर दिया। 3:16 बजे उन्होंने एसडीएम को 'प्लीज चेक' लिखकर एक और संदेश भेजा। भूकर के अनुसार, उस समय विधायक श्रवण कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। विधायक एसडीएम से फोन पर संपर्क कर रहे थे। भूकर का दावा है कि विधायक ने ही उन्हें एसडीएम का मोबाइल नंबर दिया और प्राप्त दस्तावेज आगे भेजने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने दस्तावेज को पढ़ा नहीं था। उन्हें लगा कि विधायक अपने बेटे के चुनाव से जुड़े मामले में यह आदेश भेज रहे हैं। इसलिए उन्होंने इसे आगे फॉरवर्ड कर दिया। विधायक और एसडीएम की बातचीत की सीडीआर से पुष्टि कराने की मांग
भूकर ने विधायक श्रवण कुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उस समय विधायक और एसडीएम के बीच हुई बातचीत की पड़ताल से घटनाक्रम की पुष्टि हो सकती है। उन्होंने पुलिस को जांच में सहयोग देने की बात कही है। उनका दावा है कि वह अपनी ओर से पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार हैं। अब 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरा विवाद फर्जी आदेश का विवाद: ग्राम पंचायत जीणी (वार्ड 5) की मतदाता सूची से नाम हटने पर जयप्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। 16 अक्टूबर को कोर्ट ने केवल अगली तारीख (27 अक्टूबर) तय की थी, लेकिन प्रशासन को व्हाट्सएप पर फर्जी आदेश भेजकर दावा किया गया कि कोर्ट ने जयप्रकाश का नाम सूची में बहाल कर चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है। जांच और एफआईआर: मूल न्यायिक रिकॉर्ड व हाईकोर्ट की वेबसाइट से मिलान करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस पर सूरजगढ़ एसडीएम (रिटर्निंग अधिकारी) की शिकायत पर 31 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जयप्रकाश और उमेश भूकर के नाम सामने आए। हाईकोर्ट का कड़ा रुख: फर्जी दस्तावेज के जरिए राहत पाने के इस गंभीर मामले को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर को 6 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
ये खबर भी पढ़िए… SDM को फर्जी हाईकोर्ट ऑर्डर भेजने वाला बैंक मैनेजर:आरोप- सूरजगढ़ विधायक के बेटे ने पंचायत चुनाव लड़ने के लिए किए इस्तेमाल, FIR दर्ज पंचायत चुनाव लड़ने के लिए हाईकोर्ट का कथित फर्जी ऑर्डर लगाने के मामले में विधायक श्रवण कुमार के बेटे के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। दैनिक भास्कर इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि हाईकोर्ट का फर्जी ऑर्डर हरियाणा के उमेश कुमार के मोबाइल नंबरों से SDM को भेजा गया था। पूरी खबर पढ़िए