भास्कर न्यूज | राजसमंद ऐतिहासिक राजसमंद झील की पाल स्थित हनुमान मंदिर का रास्ता बंद करने को लेकर विवाद गहरा गया है। लोहे का गेट लगाकर रास्ता बंद करने और जर्जर दीवार नहीं हटाने के विरोध में रविवार सुबह श्रद्धालु और स्थानीय लोग द्वारकाधीश मंदिर के बाहर एकत्रित हुए। आक्रोशित लोगों ने मंदिर प्रशासन के सलाहकार जयेश शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। इसके बाद कलेक्टर और मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रास्ता तत्काल खोलने की मांग की। श्रद्धालुओं का कहना है कि हनुमान मंदिर जाने वाला रास्ता बंद होने से हजारों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी पाल क्षेत्र में मलबा डालकर रास्ता रोकने का प्रयास किया गया था, जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हटाया गया था। अब दोबारा लोहे का गेट और वेल्डिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया गया है। जर्जर दीवार हटाने और पाल संरक्षण की मांग : प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हनुमान मंदिर जाने वाला रास्ता जल्द खोला जाए और वहां मौजूद जर्जर दीवार को हटाया जाए, ताकि हादसे की आशंका को टाला जा सके। इसके साथ ही राजसमंद झील की पूरी पाल को संरक्षित स्मारक घोषित कराने के लिए राज्य सरकार और पुरातत्व विभाग को प्रस्ताव भेजने की मांग भी उठाई गई। मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस को पत्र देकर कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है। वहीं श्रद्धालुओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विवाद के बाद मंदिर मंडल ने अपना पक्ष रखते हुए आरोपों को निराधार बताया। मंदिर मंडल के अनुसार द्वारकाधीश मंदिर के बाहर स्थित पुरानी जर्जर धर्मशाला को हटाने के बाद वहां पर्यटन विभाग का कार्य प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नगर परिषद के निर्देश पर केवल बैरिकेडिंग की गई है। दर्शनार्थियों के लिए दूसरा रास्ता पूरी तरह चालू है।