बाड़मेर | बाड़मेर में एक दौर वह भी था, जब अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन रक्त की एक-एक बूंद के लिए कई-कई दिनों तक भटकने को मजबूर थे। इस गंभीर संकट और मरीजों की पीड़ा को भांपकर समाजसेवी भीमराज कड़ेला ने मानव सेवा का संकल्प लिया। उन्होंने जिले में रक्तदान के प्रति जागरूकता की ऐसी अलख जगाई कि आज यह मुहिम एक बड़ा जनआंदोलन बन चुकी है, जो अब तक हजारों जिंदगियों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हुई है। कड़ेला अब तक 3500 यूनिट रक्तदान करवा चुके हैं। वर्ष 2011 में कड़ेला ने अस्पताल स्टाफ और मित्रों के सहयोग से बाड़मेर रक्तदाता समूह नाम से एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया। ग्रुप के माध्यम से आपातकाल में ब्लड की आवश्यकता वाले मरीजों की जानकारी साझा की जाने लगी। धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो गया। समूह ने गांवों में जाकर रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। इसका परिणाम यह है कि आज दुर्घटनाओं, प्रसव, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल रहा है। ब्लड की जरूरत होने पर 9784096944 पर बीएनसी चौराहा के पास संपर्क करें। पूरे अभियान की सबसे बड़ी खासियत सामाजिक समरसता रही। समूह के मंच पर छत्तीस कौम के युवाओं ने एक साथ आकर मानवता और कौमी एकता की मिसाल पेश की है। कड़ेला के साथ इस मुहिम में इंद्रप्रकाश पुरोहित, अबरार मोहम्मद, अजयनाथ गोस्वामी, अनिल पंवार, रमेश कड़ेला और नरपत सेजू जैसे लोग जुड़े। इसके अलावा महिला रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राज्य का पहला सहेली महिला रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना। इस सप्ताह... .. रक्तदाता भीमराज कड़ेला