करणी विहार थाना क्षेत्र के मीणावाला में रविवार शाम एक बड़ा हादसा बच गया। सीवरेज लाइन का चैंबर बनाने के लिए 20 फीट गहरे गड्ढे में उतरे दो मजदूर अचानक मिट्टी ढहने से जिंदा दफन हो गए। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद साथी मजदूरों और पुलिस की तत्परता से महज 5 मिनट के भीतर दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। थाना प्रभारी हवा सिंह ने बताया कि हादसा मीणावाला स्थित अलंकार मोड़ के पास शाम करीब 5 बजे हुआ। यहां नई सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा था। चैंबर बनाने के लिए बारां के पीपलखेड़ी निवासी मांगीलाल बंजारा और राकेश बंजारा 20 फीट गहरे गड्ढे में उतरे थे। दोनों नीचे काम कर ही रहे थे कि अचानक ऊपर से मिट्टी की भारी ढाय उनके ऊपर आ गिरी। मिट्टी ढहते ही निर्माण स्थल पर चीख-पुकार मच गई। साथी मजदूरों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद भी मिट्टी हटाने में जुट गए। अस्पताल से मिली छुट्टी, बड़ा हादसा बचा सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और साथी मजदूरों ने मिलकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और महज 5 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को मिट्टी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद दोनों मजदूरों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल भेजा गया। गनीमत रही कि दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने दोनों को छुट्टी दे दी। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा बच गया। कानोता के कुथाड़ा में ब्लास्टिंग के बाद ढही पहाड़ी, डंपर क्षतिग्रस्त कानोता थाना क्षेत्र के ग्राम कुथाड़ा स्थित खनन क्षेत्र में रविवार शाम ब्लास्टिंग के दौरान पहाड़ी ढह जाने से बड़ा हादसा टल गया। मलबे की चपेट में आकर खदान में कार्यरत एक डंपर दब गया, जबकि पास में काम कर रही एलएनटी मशीन को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। चालक और अन्य श्रमिक सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, जिससे जनहानि नहीं हुई। शाम करीब पांच बजे खदान में नियमित ब्लास्टिंग की जा रही थी। ब्लास्टिंग के कुछ क्षण बाद पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबा गिरते ही खदान में धूल का गुबार छा गया और वहां काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद कुछ देर तक खनन कार्य भी ठप रहा। ग्रामीणों का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर रविवार सुबह उन्होंने विरोध कर खनन कार्य रुकवाया था, लेकिन उनके लौटने के बाद दोबारा मशीनें लगाकर खनन शुरू कर दिया गया और ब्लास्टिंग के दौरान यह हादसा हो गया।