थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सनसनीखेज वारदात में जम्मू-कश्मीर निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल्ला की धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। आरोप है कि पंचायत में समझौते के बाद उन्हें बहाने से साथ ले जाकर सुनसान जगह पर मारकर शव सड़क किनारे खेत में फेंक दिया गया। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतक अपने परिजनों के साथ जम्मू कश्मीर के कठुआ से पहाड़ी क्षेत्र में आए थे। मृतक पुत्र हयात खान का स्थानीय नाबालिग लड़की से संबंधों को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में लड़की के परिजनों ने 29 मार्च को पहाड़ी थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने बाद में लड़की को चेन्नई से दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति, भरतपुर भेज दिया, जबकि आरोपी युवक अब भी फरार है। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने चार जनों को डिटेन किया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस पूर्व में लड़की को चेन्नई से कर चुकी बरामद, 4 आरोपी डिटेन किए प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद, फिर बनी हत्या की वजह जानकारी के अनुसार, मृतक का पुत्र हयात खान करीब एक साल पहले जम्मू-कश्मीर से जमात के साथ पहाड़ी क्षेत्र में आया था। इसी दौरान उसका गांव की एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग हो गया। शुरुआती दौर में दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर सहमति भी बनी, लेकिन कुछ महीने बाद दोनों पक्षों ने विवाह से इंकार कर दिया। इसके बाद हयात नाबालिग को भगा ले गया। इसी घटनाक्रम के बाद विवाद गहराता गया, जो अंततः पंचायत और फिर हत्या की वारदात तक पहुंच गया। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर एफएसएल टीम की मदद से हत्या में प्रयुक्त हथियार, खून से सने साक्ष्य, चप्पल व टोपी जब्त की। मौके पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने चार आरोपी डिटेन भी किए हैं। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से आए लोगों ने शुक्रवार को गांव सावलेर की मस्जिद में जुम्मे की नमाज अदा की थी, जिसके बाद क्षेत्र में उनकी मौजूदगी को लेकर चर्चाएं भी चल रही थीं। राजीनामे के बाद बुलाकर ले गए, फिर हत्या हयात खान के पिता मोहम्मद अब्दुल, चाचा नजीर अहमद और भाई मोहम्मद वहीद खान पिछले चार दिनों से गांव में रहकर विवाद सुलझाने में लगे हुए थे। विवाद सुलझाने के लिए चार दिन तक पंचायत चली और दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया। शुक्रवार रात करीब 9 बजे समी खान, इस्लाम पुत्र रशीद, वसीम पुत्र समी, रफीक पुत्र सुल्तान, नासिर व अन्य 3-4 लोग दो गाड़ियों में आए और अब्दुल्ला सहित अन्य लोगों को अपने साथ पहाड़ी से गांव ले गए। इन्हें समी खान के मकान पर ठहराया गया। रात में आरोपी कमरे में घुसे और अब्दुल्ला को यह कहकर बाहर ले गए कि उनके पेट में दर्द है। बाद में उन्हें वाहन में बैठाकर सुनसान जगह ले जाकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई और शव खेत में फेंक दिया।