भास्कर न्यूज | बाड़मेर रेगिस्तान के धोरों में, जहां अप्रैल की शुरुआत में सूरज आग उगलता है, वहां इस बार मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। पिछले 6 दिनों में पारा 7 डिग्री तक लुढ़क गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री पर आ गया। यह सामान्य से काफी कम है। अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। पहले सप्ताह में ही दो दिन से धूलभरी आंधी चल रही है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बारिश की संभावना बनी रही। शुक्रवार को बाड़मेर में कुछ जगह बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम खुशगवार रहा। पूरे दिन बादल छाए रहने से सूरज नहीं दिखा। इससे तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अब अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी आंधी-बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 30.4 और न्यूनतम 19.8 डिग्री रहा।​ बादलों और बूंदाबांदी की वजह से तापमान 4 डिग्री तक गिरा। गुरुवार रात ठंड का एहसास हुआ। बारिश की वजह से रात का पारा 19.8 डिग्री तक पहुंच गया। पिछले 20 दिनों में पहली बार रात का पारा इतना नीचे पहुंचा। बाड़मेर. दिन में छाए बादलों की जोधपुर हाइवे से ली गई तस्वीर। 1. जेट स्ट्रीम का झुकाव: आमतौर पर इस समय तक सब-ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम उत्तर की ओर खिसक जाती है। इस बार यह भारत के मैदानी इलाकों के ऊपर बनी हुई है। यह भूमध्य सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं को सीधे उत्तर भारत की ओर धकेल रही है। 2. अरब सागर से मिल रही मदद: सक्रिय हो रहे विक्षोभों को अरब सागर से अतिरिक्त नमी मिल रही है। जब पहाड़ों की ठंडी हवा और अरब सागर की नमी आपस में टकराती है, तो धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती है। 3. ग्लोबल वार्मिंग और स्थानीय हीटिंग: मार्च के मध्य में हुई अचानक गर्मी ने स्थानीय स्तर पर लो प्रेशर बनाया। इसने बाहरी विक्षोभों को अपनी ओर तेजी से खींचा है।