भास्कर न्यूज | सकतपुर कस्बे सहित नदीपार क्षेत्र के गांवों में पिछले करीब 12 दिनों से बारिश नहीं हो रही है। तेज धूप से खेतों में अंकुरित फसलें मुरझाने लगी हैं। जिससे किसानों में मायूसी है। समीपवर्ती कुंजेड़ क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में भी यही हाल है। सामान्य वर्षों में इस समय तक खेत हरियाली से लहलहा उठते थे। बारिश का दौर जारी रहता था। इस बार कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई। खेतों की नमी खत्म होने से दरारें पड़ने लगी हैं। कई गांवों में शुरुआती बारिश के भरोसे किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी। अंकुरित पौधे अब नमी के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में किसान अब भी बुवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जहां बुवाई हो चुकी है, वहां पौधे पीले पड़ने लगे हैं। धान के खेतों में भी पानी की कमी है। नमी खत्म होने से धान की फसल पीली पड़ने लगी है। जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है। जिससे लागत बढ़ेगी। कई किसान अंकुरित फसलों को बचाने के लिए ट्यूबवेल और अन्य जल स्रोतों से सिंचाई करने को मजबूर हैं। कई किसानों ने उधार लेकर बीज खरीदे। किसी ने खाद और दवाइयों पर हजारों रुपए खर्च किए। अ​ब बारिश नहीं होने से संकट के बादल मंडरा रहे हैं। क्षेत्र में नदियां, ताल-तलैया खाली होने लगे हैं। रविवार सुबह से आसमान में काली घटाएं छाई रहीं। दिनभर उमस रही, लेकिन बादल बिना बरसे निकल गए।