श्रीगंगानगर| पेयजल संकट से पुरानी आबादी क्षेत्र ही नहीं, शहरी क्षेत्र से लगती कॉलोनियों में रह रहे हजारों लोग भी परेशानी झेल रहे हैं। चक 7 ई छोटी ग्रीन सिटी, मुरब्बा नंबर 22 में भी लोग पीने के पानी, सड़क, सीवरेज, रोड लाइटें, पार्क जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि कॉलोनी 2002 में काटी गई। यह करीब 15 साल से नियमन पट्टाशुदा है। मूलभूत सुविधाओं को लेकर यूआईटी अध्यक्ष, कलेक्टर, सचिव को कई बार ज्ञापन दिए। अप्रैल 2024 से अप्रैल 2026 के बीच कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में 5 बार पहुंचे। हर बार जल्द राहत का आश्वासन मिला। लोगों का कहना है, यूआईटी सचिव को ज्ञापन देने के बाद कॉलोनी के मालिक ने अधूरे सीवरेज का काम शुरू करवाया। गुणवत्तापूर्ण काम की मांग उठी तब काम बंद कर दिया गया। यूआईटी ने कॉलोनी में पानी के लिए बजट बनाने को लेकर 9 जुलाई 2025 को पीएचईडी को पत्र लिखा। इस पर अब तक पीएचईडी ने आगे कोई काम नहीं किया।