भीलवाड़ा के जहाजपुर तहसील में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) टोंक की टीम ने ऊंचा हल्का के पटवारी भंवर सिंह को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कोर्ट के फैसले (डिक्री) को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप बिछाया और पटवारी को कार के डैशबोर्ड बॉक्स में रिश्वत की रकम रखते ही रंगे हाथों पकड़ लिया। हेल्पलाइन पर शिकायत, जांच में सही निकला मामला टोंक ASP ऋषिकेश मीणा ने बताया- जहाजपुर तहसील में ऊंचा हल्का के पटवारी भंवर सिंह के खिलाफ एसीबी हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार परिवादी के पिता के पक्ष में जमीन की डिक्री राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के बदले पटवारी 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई की तैयारी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कोर्ट का फैसला पहले ही परिवादी के पिता के पक्ष में आ चुका था, लेकिन रिकॉर्ड में डिक्री दर्ज करने के लिए आरोपी रिश्वत मांग रहा था। चलती कार में लिया रिश्वत का पैसा, एसीबी ने पकड़ा मंगलवार को पटवारी ने परिवादी को ऑफिस बुलाया और बीच रास्ते अपनी कार में बैठाकर 20 हजार रुपए लिए। उसने रिश्वत की रकम कार के डैशबोर्ड बॉक्स में रखवा दी। एसीबी की टीम पहले से पूरी कार्रवाई पर नजर रखे हुए थी। इशारा मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार के डैशबोर्ड से 20 हजार रुपए बरामद कर पटवारी को गिरफ्तार कर लिया। सीकर का रहने वाला है आरोपी यह कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक के निर्देशन और एसीबी टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की निगरानी में की गई। गिरफ्तार आरोपी भंवर सिंह मूल रूप से सीकर जिले का निवासी है और जहाजपुर तहसील के ऊंचा हल्का में पटवारी के पद पर कार्यरत था। एसीबी ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।