टोंक के सदर थाना इलाके के चंदलाई गांव में बिजली करंट से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी तथा 50 लाख रुपए की सहायता देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। किसानों का कहना है कि मृतक के खेत के पास ही चल रही बकरा मंडी है। वहां कुछ तार पड़े थे, उनमें करंट आ रहा था। सूअरों को भगाने के दौरान किसान तारों के टच हो गया। इससे किसान की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट मृतक के भाई राजाराम गुर्जर ने टोंक सदर थाने में दी है। जमीन पर फैले तारों से आया करंट रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई सीताराम गुर्जर (50)पुत्र गोपाल गुर्जर निवासी चन्दलाई अपने खेत में ही रहता था। वहां फसल की देखभाल करता था। 7 जुलाई 2026 को पास में ही वहां बकरा मण्डी चल रही थी। बकरा मंडी की वजह से खेत में सूअरों का आना जाना बना रहता है । उसका भाई खेत में से सुअरों को भगाने लिए खेत गया। इस दौरान वहां बिजली के टूटे पड़े तारों में उलझ गया और करंट से उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह वह खाना खाने घर नहीं लौटा तो बेटा खेत में गया। जहां उसके पिता के पैरों में लाइट के तार उलझे पाए गए। इन तारों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ रहा था। बकरा मंडी संचालकों पर लापरवाही का आरोप बाद में किसान के बेटे ने अन्य परिजनों को सूचना दी, फिर परिजन मौके पर पहुंचे और लाइट बंद करवाकर किसान को से सआदत अस्पताल लाए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बकरा मंडी संचालकों की लापरवाही अनियमितताओं के कारण खेत में करंट दौड़ने से सीताराम गुर्जर की मृत्यु हुई है। आश्वासन के बाद माने उसके बाद आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे ग्रामीणों और परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मृतक के आश्रितों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, नौकरी देने, बकरा मंडी संचालन के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में सदर थाना प्रभारी जयमल समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। लेकिन ग्रामीण कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने कुछ लोगों को कलेक्टर टीना डाबी से मिलवाया। कलेक्टर ने जांच कमेटी बनाकर तीन दिन उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।उसके बाद दोपहर करीब साढ़े बारह बजे खत्म किया। फिर परिजनों ने शव लिया।