बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मार्च से शुरू हुए मौसम के इस कहर ने 18-20 मार्च, 3-5 अप्रैल और 7-8 अप्रैल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। मार्च में सरसों और अप्रैल में गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। कहीं खड़ी फसल गिरी तो कहीं कटी फसल खेतों में भीगकर खराब हो गई। प्रारंभिक सर्वे में सामने आया है कि पिछले दिनों गेहूं की 57 हजार 117 हैक्टेयर में बुवाई में से बीमित किसानों की 2545 हैक्टेयर यानि 10 हजार 180 बीघा गेहूं की फसल पानी में डूब गई। भरतपुर जिले में रबी सीजन में 1 लाख 53 हजार 166 किसानों ने रबी की फसल 2 लाख 6 हजार 204 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की थी। इनमें से 40 हजार 155 बीमित किसानों में 16 हजार 620 ने फसल खराबे का क्लेम किया है। अब तक 9,370 किसानों का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 7,250 का सर्वे लंबित है। किसानों को खराबे की सूचना 72 घंटे में देनी होती है और बीमा कम्पनी के सर्वेयर 10 दिन में सर्वे पूरा करते हैं। ऐसे में अभी भी कई किसानों की शिकायतें दर्ज होना जारी है, जो संख्या लगातार बढ़ रही है। महेंद्र सिंह ने कहा- फसल बर्बाद के बाद कर्ज चुकाने की चिंता खाए जा रही है रुदावल क्षेत्र के गांव कंजोली, माडापुरा, दांहिनागांव, निभेरा, मडौली, बरौली ब्राह्मण व नगला बोसोली में करीब 80 प्रतिशत खराबा है। कंजौली सरपंच रजनी देवी ने बताया कि गांव कंजोली में गेहूं व सब्जी की फसल में 70 से 80 प्रतिशत खराबा है। कंजोली निवासी किसान महेन्द्र ने बताया कि हजारों रुपए खर्च करने के बाद कटाई का समय करीब था, लेकिन कुदरत ने सब छीन लिया। कर्ज लेकर बुवाई की थी। अब फसल बर्बाद होने के बाद कर्ज चुकाने की चिंता खाए जा रही है। धर्मेंद्र ने कहा- दोनों बच्चों की पढ़ाई कराने की सोचा, अब संकट हो गया नदबई क्षेत्र में ओलावृष्टि व बारिश से करीब 30 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो गई। कबई निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 6 बीघा की गेहूं फसल और करीब 4 बीघा जमीन की सरसों की थी। सरसों से दोनों बच्चों की पढ़ाई कराने की सोच रहा और गेहूं फसल से परिवार का पालन पोषण करने की। गेहूं फसल खराब होने से अब परिवार के पालन पोषण का संकट हो गया है। सरकार से मुआवजा मिले तो कुछ हद तक नुकसान की भरपाई होगी। अंधड़-बारिश से फसल के गिरने से पैदावार में भारी कमी आएगी: शर्मा बयाना क्षेत्र के गांव सीदपुर में करीब 300 बीघा में बोई गई सौंफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव सीदपुरा निवासी किसान जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि मौसम की मार से सौंफ की फसल को करीब 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। फसल के गिर जाने से पैदावार में भारी कमी आएगी। इसी तरह गांव नगला भांड में भी अंधड़ और बारिश का असर देखने को मिला। “सरकार के निर्देश पर राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने खेतों में पहुंचकर फसल खराबे का जायजा लिया और अभी तक 2,545 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल खराबा सामने आया है।” - राधेश्याम मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि। डीएम ने कहा- आंकलन करा रहे “खराबे का आंकलन कराया जा रहा है। नियमानुसार रिपोर्ट भेजकर जो भी मुआवजा देय होगा, वह किसानों को दिया जाएगा।” - कमर चौधरी, जिला कलेक्टर