भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं वन क्षेत्रों में लव-कुश वाटिकाएं बनाने के बाद अब वन विभाग जिले में दो राम वाटिकाएं बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए वन विभाग ने उपवन संरक्षक कार्यालय से वन क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करने को कहा गया है। साथ ही इस संबंध में प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। इसके तहत जिले में दो स्थानों पर कुल 40 हैक्टेयर जमीन का चयन कर लिया गया है। निर्माण संबंधी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक यहां रामायण काल के पौधों की प्रजातियों के साथ स्थानीय वनस्पतियों को भी संरक्षित करने का काम किया जाएगा। इनमें रुद्राक्ष, कल्पवृक्ष, बांस, कमल, बेल, कदंब, आक, अरंडी, आंवला, शमी, गूलर, छोंकरा, अशोक, बरगद, पीपल, बेर आदि प्रजातियां शामिल हैं। राम वाटिका तैयार विकसित करने उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव के वन क्षेत्र में 25 हैक्टेयर भूमि तथा खेतड़ी क्षेत्र में कोलिहान नगर के निकट 15 हैक्टेयर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उपवन संरक्षक कार्यालय द्वारा प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए जयपुर कार्यालय भेजा जाएगा। जहां से सभी जिलों से मिले प्रस्ताव के साथ सरकार के पास भेजे जाएंगे। इसके बाद बजट स्वीकृत होने पर राम वाटिकाओं को विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगी। ^लव कुश वाटिका की तर्ज पर जिले में दो राम वाटिकाएं विकसित की जानी हैं। राम वाटिकाओं के लिए उदयपुरवाटी क्षेत्र में 25 व खेतड़ी क्षेत्र में 15 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। राम वाटिका के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। -कमलचंद, एडीएफओ वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव को मंजूरी व बजट मिलने के बाद राम वाटिकाओं को आधुनिक सुविधाओं से भी सुसज्जित किया जाएगा। यहां पाथ-वे, ईको ट्रेल, जल संरचनाएं, वॉच टावर, व्यू पॉइंट, गार्डन, साइनेजेज, गेट निर्माण, झौंपा निर्माण सहित जन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छायादार, फलदार व सजावटी पौधों का बड़े स्तर पर रोपण किया जाएगा।