कोटा में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मंगलवार को शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। लाभार्थियों को मकानों के मालिकाना हक के पट्टे बांटे। इस दौरान भास्कर ने यूडीएच मंत्री से सवाल पूछा 'शहर के कई आवासीय इलाकों में छत के ऊपर से हाई टेंशन लाइन निकल रही है। उनको क्यों नहीं हटाया जा रहा। इस पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- अगर ऐसा कोई प्रकरण आपके ध्यान में तो हमें बताए। हम नियम अनुसार उसका निस्तारण करवाएंगे। इंसुलेटर टूटने से हुआ था हादसा दरअसल, रविवार को कोटा की बरड़ा बस्ती में 33 केवी हाई टेंशन लाइन का इंसुलेटर टूटने से हादसा हुआ था। हादसे में एक महिला और दो गायों की मौत हो गई थी। कई लोगों को करंट का झटका लगा था। इस घटना के बाद अन्य कॉलोनियों के लोग भी दहशत में हैं। उद्योग नगर थाना क्षेत्र की प्रेम नगर सेकंड जागा कॉलोनी के निवासी भी अपने सिर के ऊपर से गुजर रही 33 केवी और पास से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर खतरे की आशंका जता रहे हैं। निकायों की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा यूडीएच मंत्री ने निकायों की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस की गहलोत सरकार पर निशाना साधा। मंत्री ने कहा- 2018 से 2023 के कालखंड में तत्कालीन सरकार में जिस निकाय का बजट 1 रूपए था। वहां 8 रुपए तक के टेंडर करवा कर काम करवा दिए। बाकी 7 रूपए कहां से आएगा, इसके बारे में उन्होंने विचार नहीं किया। उस वजह से निकायों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। इसके अलावा नगर निकायों के पास जितनी परिसंपत्तियों थी। उन्हें अपने लोगों में बंदरबांट कर दी। इसकी वजह से निकायों के पास जो आर्थिक स्रोत थे। वो भी समाप्त हो गए थे। इसीलिए हमने नगर निकायों का सीमा विस्तार किया है। ताकि नगर निकाय अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सके। जल जीवन मिशन को लेकर मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं के कारण राजस्थान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। चुनाव करवाने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की निकाय चुनाव को लेकर राजस्थान सरकार के स्तर पर जितना कुछ किया जाना चाहिए था, वो सभी काम मार्च 2026 से पहले पूरे कर चुके थे। 113 नगर निकायों के परिसीमन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लंबित थी। उसका भी जून महीने में निर्णय हो चुका। अब चुनाव करवाने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की है। पहले एसआईआर का काम होने व अब जनगणना का काम होने से स्थानीय प्रशासन के पास जितना मेन पावर होना चाहिए, उतना मेनपावर उपलब्ध नहीं है। इसलिए संभवतया पिछड़ा वर्ग आयोग के आंकड़े इकट्ठा करने में समय लग रहा है। यूसीसी को लेकर खर्रा ने कहा- यूसीसी सालों से चला आ रहा मामला है। राजस्थान सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है। आने वाले सत्र में हम यूसीसी कानून लाने के बारें में विचार कर रहे हैं। मंत्री खर्रा ने कहा- कोटा में विक्रय पर अनुमति की आवश्यकता पड़ रही है। कोटा के अलावा कहीं भी इस प्रकार की पाबंदी नहीं है। यह किन परिस्थितियों में लगी और क्यों लगी। इस संबंध में अधिकारियों को विभाग को पत्र लिखने के लिए कहा है। ताकि विधिक राय लेकर समस्या का समाधान किया जा सके। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़े- कोटा में हाईटेंशन-लाइन के साए में जी रहे सैकड़ों परिवार:बरड़ा बस्ती हादसे के बाद प्रेम नगर में लोग परेशान; लाइन हटाने की मांग कोटा की बरड़ा बस्ती में 33 केवी हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर टूटने के बाद अन्य कॉलोनियों के लोग भी दहशत में हैं। उद्योग नगर थाना क्षेत्र की प्रेम नगर सेकेंड जागा कॉलोनी के निवासी भी अपने सिर के ऊपर से गुजर रही 33 केवी और पास से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन को लेकर खतरे की आशंका जता रहे हैं।खबर पढ़े