उदयपुर में नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की उदयपुर शाखा की अगुवाई में शहर के हजारों डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी सड़कों पर उतरे। 'भयमुक्त अस्पताल हेतु सद्भावना रैली' निकालकर डॉक्टर्स ने अपनी एकजुटता दिखाई। अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाले हमलों और हिंसा के खिलाफ डॉक्टरों ने एकजुटता दिखाई और समाज को सुरक्षा का संदेश दिया। रैली में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल स्टूडेंट्स और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्वास्थयर्मियों ने हिस्सा लिया। रैली की शुरुआत शहर के गांधी ग्राउंड से हुई। यहां से डॉक्टरों का कारवां चेतक सर्कल, एमबी हॉस्पिटल और कोर्ट चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। रैली के रास्ते में डॉक्टरों की सुरक्षा और स्वस्थ समाज के नारे गूंजते रहे। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर डॉक्टरों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडिशनल एसपी उमेश ओझा का उपरना ओढ़ाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मान किया। कलेक्ट्रेट से गांधी ग्राउंड पहुंची रैली डॉक्टरों की सुरक्षा की इस मुहिम को शहर के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। कलेक्ट्रेट से रवाना होकर यह रैली दिल्ली गेट और हाथीपोल होते हुए वापस गांधी ग्राउंड पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने बताया कि वे दिन-रात मरीजों की जान बचाने का काम करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं बढ़ी हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। डरकर बेहतर इलाज नहीं कर पाएंगे जब तक डॉक्टर खुद को अस्पताल में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तब तक वे बिना किसी डर के बेहतर इलाज कैसे कर पाएंगे। आईएमए उदयपुर के पदाधिकारियों ने कहा कि इस रैली के जरिए सरकार और आम जनता से अपील की गई है कि डॉक्टरों को काम करने के लिए एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल दिया जाए। रैली में साफ संदेश दिया गया कि अगर डॉक्टर और अस्पताल सुरक्षित रहेंगे, तभी एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकेगा।