उदयपुर शहर में अब अपना आशियाना बनाना या जमीन में निवेश करना और महंगा हो गया है। राज्य सरकार के ई-पंजीयन पोर्टल के तहत अब लागू संशोधित व्यवस्था के तहत जिलेभर में डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 2 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अप्रैल में लागू हुई 10 फीसदी की फ्लैट बढ़ोतरी के बाद, जिला प्रशासन और पंजीयन विभाग के री-सर्वे के आधार पर यह दूसरी बड़ी वृद्धि है। इस बढ़ोतरी का सबसे व्यापक असर यूडीए के नए पेराफैरी वाले क्षेत्र और कमर्शियल कॉरिडोर पर पड़ा है। डबोक, बलीचा, तीतरडी, शोभागपुरा, भुवाणा और 100 फीट रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में पुरानी सरकारी दरों और बाजार मूल्य (मार्केट रेट) के बीच बड़ा अंतर था, जिसे पाटने के लिए दरों में 2 से 40 फीसदी तक का उछाल आया है। इसके साथ ही स्टाम्प ड्यूटी पर सरचार्ज में 3 फीसदी का इजाफा होने से अब हर तरह के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन (रजिस्ट्री) और यूडीए के भू-रूपांतरण (लैंड कन्वर्जन) शुल्क का बजट बढ़ गया है। जानिए अपने क्षेत्र की डीएलसी दरों में कितनी बढ़ोतरी हुई पेरीफेरी व नया विस्तार: डबोक (एयरपोर्ट रोड), बलीचा, तीतरड़ी, प्रताप नगर, कविता, मदार, ईसवाल, अंबावगढ़ विस्तार, सीसारमा, कोड़ियात, सेठजी की कुंडाल, देबारी, उमरड़ा में 25% से 40% वृद्धि। प्राइम कमर्शियल व रेसीडेंशियल हब: शोभागपुरा, भुवाणा (मुख्य मार्ग), 100 फीट रोड, सुखेर, न्यू नवरत्न, पंचवटी, फतहपुरा, हिरण मगरी (सेक्टर 3 से 14), सवीना मेन रोड, गोवर्धन विलास में 15% से 30%। चांदपोल, हाथीपोल, जगदीश चौक, घंटाघर, शहर के संकरे मार्ग में कमर्शियल (जहां 60 फीट सड़क नहीं है) में 10% से 15%। ग्रामीण कस्बे व तहसील मुख्यालय (हाईवे फॉर्मूला): मावली, गोगुंदा, खेरवाड़ा, बावलवाड़ा, कानोड़, भींडर, सनवाड़, सायरा, घासा, नयागांव, कुराबड़, ऋषभदेव, वल्लभनगर (हाईवे से 100 मीटर दायरा) में 5% से 10% वृद्धि। विशेष ग्रामीण व आदिवासी अंचल (अधिकतम-न्यूनतम स्लैब): वाड़ा व ढीकली (15%), झाड़ोल व फलासिया (5% से 10%), कोटड़ा में 2% से 15%। यहां पर कमर्शियल संपत्ति: 10% बढ़ोतरी डीएलसी दरों को लेकर जानिए प्रमुख बातें