ग्रेजुएट (पोस्ट-स्टडी वर्क) वीजा के तहत ब्रिटेन गए पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने अब ग्रेजुएट वीजा धारकों के ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के लिए डिपेंडेंट वीजा का आवेदन करने की छूट दी है। जिससे उन्हें लीगल स्टेटस मिल सकेगा। नियम 3 अगस्त 2026 से लागू होगा। इससे पहले ब्रिटेन में जन्मे बच्चों के कानूनी स्टेटस को लेकर पेरेंट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बच्चे का लीगल स्टेटस साफ नहीं होने के कारण यात्रा के दौरान भी परेशानियां आती थीं। नए नियम लागू होने के बाद ऐसे बच्चों को जन्म के बाद कानूनी पहचान मिल सकेगी। नए नियमों के तहत बच्चे को माता-पिता की मौजूदा अनुमति के आधार पर वैध दर्जा मिल सकेगा। यह बदलाव 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश किया गया था और 3 अगस्त 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही 1 जनवरी 2027 से बैचलर्स और मास्टर्स करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क (PSW) वीजा 2 साल की बजाय 18 महीने का होगा। हालांकि, पीएचडी करने वाले छात्रों को पहले की तरह 3 साल तक ब्रिटेन में रहने और काम करने की अनुमति मिलेगी। वहीं, जो छात्र 31 दिसंबर 2026 तक ग्रेजुएट वीजा के लिए आवेदन कर देंगे, उनपर 2 साल वाला पुराना नियम ही लागू होगा। जानें नए नियम का क्या असर वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी इसके बाद आवेदन करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा की वैधता अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। ब्रिटेन सरकार का कहना है कि कई ग्रेजुएट स्किल्ड स्तर की नौकरियों में प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से वीजा अवधि कम की गई है, ताकि वे जल्द ही स्किल्ड वर्कर वीजा की श्रेणी में स्विच कर सकें। ब्रेटेन में रहते हैं 5 लाख पंजाबी ब्रिटेन में भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है, जिसमें पंजाब से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी भी काफी अहम है। ब्रिटेन में पंजाब मूल के करीब 5 लाख लोग रहते हैं। वहीं, ब्रिटेन की कुल आबादी करीब 6.83 करोड़ है। इस हिसाब से पंजाब मूल के लोग देश की कुल आबादी का लगभग 0.7 से 0.75 प्रतिशत हिस्सा हैं।