प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों की अब तक बढ़ी हुई सैलरी और वेतन निर्धारणों (पे-फिक्सेशन) की बारीकी से जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की अगस्त तक जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। जिन कर्मचारियों का पे-फिक्सेशन गलत हो गया और ज्यादा वेतन उठाया तो उनसे वसूली की जाएगी। वित्त विभाग ने इसके लिए नए सिरे से सर्कुलर जारी किया है। वित्त विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी विभागों को अब तक किए वेतन निर्धारणों की बारीकी से जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी सहित दूसरे पे-फिक्सेशन के मामलों में जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने जांच के लिए फार्मेट भी तय किया है। हर विभाग और हर दफ्तर में विभागाध्यक्ष, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, एक वरिष्ठ अफसर का जांच दल बनाकर पे-फिक्सेशन की जांच करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इससे पहले 5 मई को सर्कुलर जारी किया था, लेकिन अब ताजा सर्कुलर में नए निर्देश जोड़े हैं। सितंबर के वेतन बिलों में जांच पूरी का सर्टिफिकेट देंगे वित्त विभाग ने अगस्त महीने तक जांच पूरी करने का टास्क दिया है। वहीं सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच पूरी होने का जॉइंट सर्टिफिकेट सितंबर के वेतन बिलों में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को चेतावनी, गलती रही तो होगी वसूली वित्त विभाग ने वेतन निर्धारण की बारीकी से एररलेस जांच करने के आदेशों के साथ जिम्मेदारों को चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने चेताया कि जांच के बाद भी भविष्य में यदि नियमों के खिलाफ वेतन भुगतान का मामला सामने आता है तो जांच से जुड़े अफसर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच में शामिल अफसर, कर्मचारियों से ज्यादा किए गए भुगतान की वसूली की जाएगी और विभागीय कार्यवाही भी होगी।