भारत सरकार की विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) योजना में कुछ ग्रामीणों ने फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और कार्यस्थल पर श्रमिकों की वास्तविक संख्या में बड़ा अंतर है। मामला उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढावा में सरजणा बांध की पाल का है। ग्रामीणों के अनुसार लगातार शिकायतें मिलने के बाद खुद कार्यस्थल पर जाकर पड़ताल की। इस दौरान वार्ड पंच प्रकाश डांगी, रमेश डांगी, प्रकाशचंद्र डांगी, शिवलाल डांगी, जीवन गमेती सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सामने आया कि ऑनलाइन 84 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज थी, मौके पर केवल 34 श्रमिक ही काम करते मिले। काम की क्वालिटी भी सही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम भी निर्धारित मानकों (क्वालिटी) के अनुरूप नहीं हो रहा है। केवल खानापूर्ति की जा रही है। मौके पर मौजूद मेट शंकरलाल मेघवाल और शंकरलाल गायरी से पूछा तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और वहां से चले गए। बताया गया कि पंचायत राज विभाग के तहत ढावा पंचायत में रास्तों के किनारे पेड़ों की कटाई-छंटाई का काम कराया जा रहा है। जागरूक नागरिक रमेश डांगी ने मौके से ही मोबाइल पर पंचायत के इंजीनियर अजय सिंह गुर्जर और ढावा पंचायत के बाबू गोविंद प्रजापत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इस पर अजय सिंह गुर्जर ने दोनों मेटों से बात कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इनपुट : संतोष कुमार अहीर, खोखरवास