उदयपुर में विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा- देश को ऐसे अभियंताओं की आवश्यकता है, जिनमें तकनीकी श्रेष्ठता के साथ साथ नैतिकता, राष्ट्रप्रेम, मर्यादा, संयम, ईमानदारी, परिश्रम की तरह प्रकृति सेवा जैसे उत्तम गुण और संस्कार हों। विद्या भवन पॉलिटेक्निक की एलुमनाई एसोशिएशन पूर्व विद्यार्थी संस्था के 60वें स्थापना दिवस पर रविवार को आयोजित समारोह में देवनानी ने यह कहा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पूर्व विद्यार्थियों के बीच दोबारा शिक्षक बने। गुरु-शिष्यों के मिलन के बीच माहौल भावुक हो गया। इस पॉलिटेक्निक में 30 वर्षों तक शिक्षक और प्राचार्य रहे देवनानी ने 25 वर्ष तथा 50 वर्ष पहले उत्तीर्ण अभियंता विद्यार्थियों का सम्मान किया। ये सभी अभियंता देवनानी के विद्यार्थी रहे हैं। इंजीनियरिंग प्रोफेसर के अंदाज में नजर आए देवनानी विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा- विद्या भवन पॉलिटेक्निक के लिए यह गर्व का विषय है कि यह संस्था वर्ष 1956 से निरंतर ऐसे इंजीनियर को गढ़ने का कार्य कर रही है। देवनानी इस अवसर पर दोबारा एक इंजीनियरिंग प्रोफेसर के अंदाज में नजर आए। उन्होंने इंजीनियर वर्ग से आह्वान किया कि वे देश के समृद्ध विज्ञान और तकनीकी अतीत की नींव पर वर्तमान को गढ़ें। उन्होंने विद्याभवन पॉलिटेक्निक में वर्तमान में पढ़ रहे स्टूडेंट्स से कहा- आने वाला समय केवल पास डिग्रीधारकों का नहीं होगा, बल्कि उन लोगों का होगा, जिनके भीतर नवाचार की क्षमता, निर्णय की स्पष्टता और राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता हो। मशीनें आने वाले समय में बहुत कार्य करेंगी, लेकिन चरित्र, संवेदना और नेतृत्व परिवार और समाज से ही मिलेंगे। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखें, बल्कि स्व और स्वावलंबन के भाव से रोजगार सृजन करें। उन्होंने कहा- राष्ट्र को ऐसी जागृत युवा शक्ति की आवश्यकता है, जो तकनीक में आधुनिक, विचार में वैज्ञानिक और आत्मा से भारतीय हो। देवनानी ने कहा- आज संसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की चर्चा कर रहा है] लेकिन भारत ने हजारों वर्ष पहले मानव बुद्धि की अनंत संभावनाओं पर चिंतन किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन संकट का संदर्भ देते हुए कहा कि दुनिया सस्टेनेबल डवलपमेंट की बात करती है, लेकिन भारत ने सदियों पहले प्रकृति और पुरुष के संतुलन का दर्शन दिया। आज विश्व मानसिक तनाव से जूझ रहा है, और समाधान के लिए भारत के योग, ध्यान और अध्यात्म की ओर लौट रहा है। यह भारत की शक्ति है कि उसने केवल तकनीक ही नहीं दी, वरन जीवन जीने की दिशा भी दी। नवाचारों की रूपरेखा रखी विशिष्ट अतिथि शहर विधायक ताराचंद जैन रहे। वहीं अध्यक्षता विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार तायलिया ने की। पॉलिटेक्निक प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने संस्थान की उपलब्धियों एवं हुनर विकास - स्किल डेवलपमेंट, शोध एवं उद्योग अनुरूप तकनीकी जनशक्ति निर्मित करने के लिए किए जा रहे नवाचारों की रूपरेखा रखी। समारोह में देवनानी ने नवीन कार्यकारिणी अध्यक्ष जयप्रकाश श्रीमाली, उपाध्यक्ष अशोक जैन, महासचिव जय शर्मा, कोषाध्यक्ष गिरीश वैष्णव, सचिव गोपेश शर्मा, सूचना और संपर्क सचिव महेंद्र समदानी, कार्यकारिणी सदस्य बसंत दक, यशवंत त्रिवेदी भुवन आमेटा, हेमंत मेनारिया, दर्शना शर्मा, मनीषा शर्मा, राधा कृष्ण मेनारिया को शपथ दिलवाई। डिप्लोमा परीक्षाओं में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित बेस्ट गर्ल सुमेधा तथा बेस्ट बॉय रक्षित को सम्मानित किया गया। उदयपुर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…