भास्कर न्यूज| सिवाना कस्बे के जैन समाज के चौमुखा मंदिर में चैत्री नवपद ओली कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद शनिवार सुबह जैन गुरु भगवंतों का विधिवत विहार हुआ। पिछले दस दिनों से यहां विराजे मुक्ति श्रमण विजय, मुक्ति चरण विजय ने सुबह 6 बजे मंगलाचरण के साथ विहार शुरू किया। टीकमचंद जीरावला ने बताया कि विहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहीं। गुरु भगवंत चौमुखा मंदिर से रवाना हुए। बस स्टैंड, गांधी चौक, बालोतरा रोड, समदड़ी रोड होते हुए विहार धाम मेली पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह फिर विहार होगा। गुरु भगवंत करमावास के लिए प्रस्थान करेंगे। विहार के दौरान गुरु भगवंतों ने श्रावकों को धर्मोपदेश दिया। कहा कि जीवन में धर्म और ज्ञान को अपनाना जरूरी है। मिलना और बिछुड़ना समय का स्वाभाविक क्रम है। यह जीवन की निरंतर चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से स्वागत किया। आशीर्वाद लिया। बाड़मेर. विहार करते हुए मुनि भगवंत।