जोधपुर जिले की ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों की एक पेंटर दंपती पर ऐसी मेहरबानी रही कि बिना वॉल पेंटिंग करवाए 5 साल में 8.28 करोड़ रु. का भुगतान कर दिया। लूणी, बावड़ी, तिंवरी, मंडोर, भोपालगढ़, धवा की ग्राम पंचायतों में वॉल पेंटिंग होनी थी। प्रत्येक पंचायत समिति से हर साल औसत 90 लाख से लेकर सवा करोड़ रुपए तक की बिलिंग होती रही। साल 2020-21 से लेकर 2025 तक जोधपुर के दंपती राहुल जोशी की फर्म गजानंद आर्ट एंड सर्विस और पत्नी जय लक्ष्मी जोशी की फर्म राजनंदिनी एंटरप्राइजेज को बिना टेंडर काम मिलता गया। फर्म रजिस्टर्ड भी नहीं हैं। भास्कर के पास इन दोनों फर्मों का बैंक स्टेटमेंट भी है। जहां काम करना बताया गया वहां कई दीवारें कोरी पड़ी हैं। कहीं 2021 की पेंटिंग पर ही 4 साल तक भुगतान उठा लिया गया। राहुल जोशी की फर्म को 3 करोड़, 42 लाख, 41 हजार, 902 रुपए और जयलक्ष्मी की फर्म को 4 करोड़, 85 लाख, 42 हजार 88 रुपए का भुगतान किया गया। राहुल की फर्म ने लूणी जबकि जय लक्ष्मी की फर्म ने बावड़ी और तिंवरी में काम किया। ये काम ग्राम पंचायत स्तर पर दिए गए और भुगतान पंचायत समिति स्तर से किया गया। दीवारों से पेंटिंग गायब, भुगतान होता रहा लूणी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मोगड़ा कला, सांगरिया, खेजड़ली कला, सालावास में तो दीवारों पर पेंटिंग है ही नहीं। सतलाना में स्कूल और आंगनबाड़ी की दीवारों पर 2021-22 में वॉल पेंटिंग करके भुगतान उठा लिया गया। बिल पेश होने से पहले ही अनुशंसा कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर बिल नंबर 222 से 236 तक 5 जनवरी 2025 को प्रस्तुत किए गए थे। एक जगह भाव 17.41 प्रति वर्ग फिट और दूसरी जगह पर 19.50 रुपए प्रति वर्ग फीट है। जिसमें जीएसटी भी दर्शायी गई है लेकिन प्रतिशत दर बिल में अंकित ही नहीं है। कब शुरू, कब खत्म, न तारीख, न क्रमांक
लूणी की 15 ग्राम पंचायत में कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर 16 फरवरी 2026 को एफवीसी बिल क्रमांक 79 के जरिए 14,72,671 रुपए के भुगतान का स्वीकृति आदेश है। लेकिन किसी भी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र में जारी कर्ता कार्यालय का क्रमांक और तारीख अंकित नहीं है। पेंटिंग कहां, कब हुई? कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र पंचायत समिति के किसी भी सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित ही नहीं है। पंचायत के पास अधिकार नहीं रिटायर्ड ग्राम विकास अधिकारी भंवरलाल चौधरी के अनुसार आरटीटीपी एक्ट 2012 के नियम 13 के अनुसार वॉल पेंटिंग से संबंधित काम जिला स्तरीय या पंचायत समिति स्तर पर ही हो सकते हैं। कार्य पूर्णता सर्टिफिकेट, बिल पर एक ही हैंडराइटिंग कार्य पूर्णता सर्टिफिकेट पर कोई क्रमांक और दिनांक तक नहीं डाली। जबकि भुगतान का आदेश इसी आधार पर है। लेटर पैड भी काम नहीं लिए गए। कई बिल तो ऐसे हैं जो बाद की डेट में बने जबकि उनकी अनुशंसा पहले ही कर दी गई। हमारे सारे दस्तावेज पूरे हैं, काम भी मौके पर पूरे किए गए हैं। इसीलिए भुगतान किए गए। कोई भी काम गलत नहीं किया। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। -राहुल जोशी, प्रोपराइटर, गजानंद आर्ट एंड सर्विस, जोधपुर मामला संज्ञान में आया है, इस मामले की गठित टीम से पूरी बारीकी से जांच करवा कर जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। -आशीष कुमार मिश्रा, सीईओ, जिला परिषद जोधपुर