बाड़मेर | हज इस्लाम का अहम फर्ज है। इसे हर मुसलमान के लिए आध्यात्मिक सौभाग्य माना जाता है। रविवार को बाड़मेर शहर के मुस्लिम मुसाफिरखाना में हज पर जाने वाले जायरीनों का गुलपोशी कर स्वागत हुआ। मुबारकबाद दी गई। देश की खुशहाली, अमन-चैन, आपसी भाईचारे, विश्व शांति के लिए खास दुआएं हुईं। एसीबी के एएसआई हनीफ मोहम्मद कुम्हार ने कहा कि हज की यात्रा हर किसी को नसीब नहीं होती। यह अल्लाह की तरफ से खुशनसीब लोगों को मिलने वाला सम्मान है। मौलाना मुख्तियार खान अशफाकी ने हज की अहमियत बताई। आध्यात्मिक महत्व पर बात रखी। हज के दौरान अपनाए जाने वाले उसूलों पर भी रोशनी डाली। हाजियों से अपील की कि हज यात्रा निष्ठा से करें। इबादत के साथ पूरी करें। जिला हज कमेटी के बच्चू खान कुम्हार ने बताया, जिलेभर से अब तक 65 हाजियों ने आवेदन जमा कराए हैं। इनमें बाड़मेर शहर के 20 हाजी शामिल हैं। हज आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 30 जुलाई तय है। कार्यक्रम में जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्दीकी, अबरार मोहम्मद, डॉ. करीम खान महाबार, हाजी दीन मोहम्मद कुम्हार, कबूल खान कुम्हार, हाजी उमर तेली ने गुलपोशी की।