भास्कर न्यूज | टोंक वैशाख (बुद्ध) पूर्णिमा की चांदनी रात में जिले के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की विशेष गणना का कार्य शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हो गया। वन विभाग की टीमें जिलेभर में चिन्हित 41 वाटर होल प्वाइंट्स पर तैनात हैं। वे 24 घंटे तक लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। कार्यवाहक उपवन संरक्षक (एसीएफ) अनुराग महर्षि ने बताया कि टोंक, निवाई, मालपुरा, उनियारा, देवली और बीसलपुर कंजरवेशन रिजर्व सहित छह रेंज में फैले करीब 33 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र में यह गणना की जा रही है। वन विभाग ने इस बार 10 से अधिक ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं। इन्हें जलाशयों, पगडंडियों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थापित किया गया है। इससे उन वन्यजीवों की भी सटीक पहचान हो सकेगी, जो सीधे नजर नहीं आते। विशेषज्ञों के अनुसार पूर्णिमा की उजली चांदनी में वन्यजीव जल स्रोतों पर अधिक सक्रिय रहते हैं। इससे बिना कृत्रिम रोशनी के उनका स्वाभाविक व्यवहार देखा जा सकता है। इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ती है। पिछले एक साल में टोंक के सरवराबाद, आंतरिया बालाजी, देवली-भांची सहित जिले के कई क्षेत्रों में पैंथर और उसके शावकों की मौजूदगी के बाद इस बार की वन्यजीव गणना को अहम माना जा रहा है। गणना के बाद उनकी वास्तविक संख्या भी स्पष्ट हो सकेगी। वाटर हॉल पर आज शाम 5 बजे तक होगी गणना वन विभाग की ओर से तय प्वाइंट्स (वॉटर होल) पर शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हुई वन्यजीव गणना शनिवार शाम 5 बजे तक होगी। 24 घंटे वनकर्मी जल स्रोतों के पास तैनात रहकर वन्यजीवों की गणना कर रहे हैं। विभाग के अनुसार वनकर्मियों के अलावा वन्यजीव प्रेमियों को भी वॉलेंटियर के रूप में शामिल किया गया है। इससे जनभागीदारी बढ़ेगी। इससे गणना अधिक प्रभावी हो सकेगी।