कोटा के जवाहर सागर चंबल नदी से करीब पांच किलोमीटर दूर पहाड़ी पर सड़क पर मगरमच्छ घूमता मिला। वाइल्डलाइफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। सोमवार की रात 7 बजे के लगभग जवाहर सागर से लौटते समय वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट आदिल सैफ को सड़क पर करीब डेढ़ से दो फीट लंबा मगरमच्छ चलता हुआ दिखाई दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मगरमच्छ नदी किनारे से करीब चार से पांच किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में मिला, जहां आसपास कोई तालाब, तलैया या जल स्रोत भी मौजूद नहीं था। मगरमच्छ को देखकर आदिल सैफ ने अपने साथी मोहम्मद शाहरुख की मदद से उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी राजपाल शर्मा को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। आदिल सैफ ने बताया कि कई बार मगरमच्छ भोजन की तलाश में एक जलाशय से दूसरे जलाशय तक पहुंच जाते हैं। वहीं, बड़े मगरमच्छों के साथ क्षेत्रीय संघर्ष के कारण भी छोटे मगरमच्छ अपना इलाका छोड़ देते हैं और सड़क पर भटकते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि, यह पहला मौका है जब किसी मगरमच्छ को पूरी पहाड़ी चढ़कर नदी से इतनी दूर देखा गया है। रेंजर राजपाल शर्मा ने भी बताया कि नदी से करीब चार से पांच किलोमीटर दूर मगरमच्छ मिलने का यह पहला मामला है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।