भरतपुर में 15 महीने से लापता पति नहीं मिलने से नाराज एक महिला सोमवार को परिजनों के साथ एसपी ऑफिस पर धरना पर बैठ गई। हालांकि धरने की अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने महिला और उसके परिजनों को धरने पर बैठने नहीं दिया। महिला का आरोप है कि पुलिस उसके पति को ढूंढना ही नहीं चाहती। हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। इसी वजह से वह धरना देने के लिए मजबूर हुई। पति ने उधार दिए थे 19.50 लाख रुपए नगला हरिहर गांव निवासी पूनम बाई बैरवा ने बताया - करीब चार साल पहले उसके पति प्रहलाद (37) ने धर्मेंद्र धाकड़ और राजेश कुमार गर्ग को उधार पैसे दिए थे। आरोप है कि राजेश ने प्रहलाद से 15 लाख रुपए और धर्मेंद्र ने 4.50 लाख रुपए लिए थे। प्रहलाद लगातार उनसे रकम वापस मांग रहा था, लेकिन दोनों पैसे नहीं लौटा रहे थे। धोखाधड़ी का केस दर्ज, कोर्ट से ही हो गए लापता पूनम बाई के अनुसार, ढाई साल पहले प्रहलाद ने धर्मेंद्र और राजेश के खिलाफ वैर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 26 मार्च को प्रहलाद इसी केस की सुनवाई के लिए कोर्ट गया था। आरोप है कि वहीं से धर्मेंद्र और राजेश ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद से प्रहलाद का कोई सुराग नहीं मिला है। 15 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली परिजनों ने प्रहलाद की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी वैर थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन 15 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी। इसी को लेकर अप्रैल में परिजनों ने वैर थाने के बाहर भी धरना दिया था। करीब छह दिन तक चले धरने के बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया था। अब महिला का कहना है कि आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए वह फिर से धरना देने पहुंची।