जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने इस बार टिकटों में बड़ा बदलाव किया है। 2020 में जीतने वाले 250 पार्षदों में से करीब 83% यानी 207 पुराने विजेता टिकट की दौड़ से बाहर हो गए। दोनों दलों ने मिलकर सिर्फ 43 पुराने विजेताओं पर दोबारा भरोसा जताया। यानी पहली नजर में चुनाव नए चेहरों का नजर आता है, लेकिन टिकटों की पड़ताल में दूसरा पैटर्न भी सामने आता है। कई वार्डों में पुराने पार्षद या नेता की जगह उनके ही परिवार के सदस्य को टिकट मिला है। कहीं पति की जगह पत्नी मैदान में है तो कहीं बेटे की जगह मां। किसी वार्ड में पूर्व पार्षद की बहू को मौका मिला है तो कहीं एक भाई की जगह दूसरा भाई चुनाव लड़ रहा है। वार्ड 7 : प्रदीप तिवाड़ी की जगह पत्नी→ पूनम तिवारी कांग्रेस ने पूनम तिवारी को टिकट दिया है। उनके पति प्रदीप तिवाड़ी पिछली बार कांग्रेस से पार्षद रहे थे। वार्ड 9 : राजेश गुर्जर की जगह मां→ कैलाशी देवी कैलाशी देवी कांग्रेस प्रत्याशी हैं। वे निवर्तमान पार्षद राजेश गुर्जर की मां हैं। स्थानीय चुनावी प्रचार में भी उन्हें राजेश गुर्जर की माताजी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वार्ड 10 : संदीप जाखड़ →की जगह पत्नी वंदना जाखड़; वंदना जाखड़ कांग्रेस नेता संदीप जाखड़ की पत्नी हैं। संदीप पिछली बार पार्षद का चुनाव हार चुके थे। वार्ड 16 : अखिलेश अत्री की जगह भाई→ राजेश अत्री; राजेश अत्री कांग्रेस नेता और कांग्रेस कंट्रोल रूम सदस्य अखिलेश अत्री के भाई बताए वार्ड 18 : पुराने पार्षद परिवार →वंदिता शर्मा; वंदिता शर्मा पुराने पार्षद परिवार से हैं। उनके परिवार में पहले भी पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 20 : अजय सैनी की जगह पत्नी→ मोनिका सैनी; मोनिका सैनी को टिकट मिला है। उनके पति अजय सैनी पिछली बार चुनाव लड़ चुके थे। वार्ड 33 : हरीश यादव की पुत्रवधू→ प्रियंका यादव; कांग्रेस नेता हरीश यादव की पुत्रवधू प्रियंका यादव को टिकट मिला है। वार्ड 58 : कमल वाल्मीकि की जगह मां→ रामप्यारी देवी; रामप्यारी देवी को टिकट दिया गया है। उनके बेटे कमल वाल्मीकि पिछली बार पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 70 : सुभाष शर्मा की जगह बहू उर्मिला शर्मा को कांग्रेस ने उर्मिला शर्मा को ​टिकट दिया है। इससे पहले इनके ससुर सुभाष शर्मा पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 72 : रमेश भाटी की जगह पत्नी→ सुमन रमेश भाटी कांग्रेस ने सुमन रमेश भाटी को मैदान में उतारा है। उनके पति रमेश भाटी एनएसयूआई से जुड़े हैं। वार्ड 80 : देवेंद्रसिंह शंटी की जगह पत्नी दलजीत कौर भाजपा ने दलजीत कौर को प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार उनकी भतीजी और उससे पहले उनके पति देवेंद्रसिंह इसी वार्ड से पार्षद रहे थे। वार्ड 81 : ब्रह्मकुमार सैनी भाई महेश सैनी की जगह भाजपा ने ब्रह्मकुमार सैनी को प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले उनके भाई महेश सैनी इसी वार्ड से पार्षद रहे हैं। वार्ड 110 : अरविंद मेठी की जगह→ पत्नी सुनीता मेठी कांग्रेस ने सुनीता मेठी को मैदान में उतारा है। उनके पति अरविंद मेठी पिछली बार पार्षद रहे थे। वार्ड 116 : उमरदराज की जगह पत्नी→ संजीदा संजीदा को टिकट मिला है। वे वरिष्ठ पार्षद उमरदराज की पत्नी हैं। कांग्रेस की जारी सूची में भी वार्ड 116 से संजीदा पत्नी उमरदराज का नाम दर्ज है। पुराना चेहरा खुद भी मैदान में वार्ड 118 में कांग्रेस ने सुनीता महावर को टिकट दिया है। वे कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सीनियर पार्षद हैं तथा पिछली बार मेयर पद की दावेदारों में शामिल थीं। वार्ड 119: रियाजुद्दीन बाबा की जगह पौत्र इरफान कुरैशी इरफान कुरैशी का नाम पुराने राजनीतिक-सामाजिक परिवार से जोड़ा जा रहा है। पहले इनके बाबा रियाजुद्दीन बाबा पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 125 : रईस की जगह पत्नी→ मंजू बानो मंजू बानो को टिकट मिला है। उनके पति रईस पिछली बार पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 133 : गुड्डी देवी को ससुर की जगह मिला गुड्डी देवी को टिकट मिला है। उनका परिवार पहले से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहा है और उनके ससुर पार्षद रह चुके हैं। वार्ड 137 : सलमान मंसूरी को फिर से→ टिकट सलमान मंसूरी को फिर टिकट मिला है। वे पिछली बार पार्षद जीते थे और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी निगम की राजनीति में रहे हैं। वार्ड 142 : दीपक डंडोरिया की जगह मां→ मीना डंडोरिया मीना डंडोरिया को टिकट दिया है। वे कांग्रेस नेता एवं सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष दीपक डंडोरिया की मां हैं। वार्ड 143 : हाजी नवाब चिरानिया को→ पत्नी की जगह→ हाजी नवाब चिरानिया पहले खुद पार्षद रहे। बाद में उनकी पत्नी जाहीदा बानो भी पार्षद रहीं और अब फिर वे खुद मैदान में हैं।