चुनाव आयोग के एसआईआर के बाद जयपुर में पहली बड़ी लोकतांत्रिक परीक्षा 11 सितंबर को होगी। एसआईआर के बाद तैयार हुई मतदाता सूची के कारण यह चुनाव खास है। नगर निगम के 150 वार्डों में 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता पार्षद चुनेंगे। प्रशासन को 90 से 95% तक मतदान की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो 90% मतदान पर करीब 21.90 लाख और 95% मतदान पर करीब 23.12 लाख वोट पड़ेंगे। यानी सिर्फ 5 प्रतिशत मतदान बढ़ने पर करीब 1.22 लाख अतिरिक्त वोट पड़ेंगे। यही अतिरिक्त वोट कई वार्डों में हार-जीत का अंतर तय कर सकते हैं। वार्ड में सिर्फ 1-2% मतदान का बदलाव भी चुनावी परिणाम पर बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में मतदान प्रतिशत यह भी बताएगा कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में हुए बदलावों का जमीनी स्तर पर मतदान पर कितना असर पड़ा। इस बार प्रशासन के सामने केवल शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने की चुनौती नहीं है, बल्कि मतदान का प्रतिशत बढ़ाना भी है। मतदाताओं के नाम और पात्रता के लिए पोलिंग बूथ पर बीएलओ तैनात रहेंगे। 5 फीसदी ज्यादा मतदान हुआ कई वार्डों का गणित बदलेगा, हर चौथा वोटर जेन-जी संवेदनशील मतदान केंद्र प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी करने के साथ संवेदनशील और क्रिटिकल बूथों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी मैदान में हैं। कहीं दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है तो वार्ड 62 में सर्वाधिक 13 प्रत्याशी हैं। मतदान के दिन राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने समर्थकों को बूथ तक पहुुंचाने की तैयारियों में जुटे हैं। खासकर महिलाओं, युवाओं और पहली बार निकाय चुनाव में वोट देने वाले मतदाताओं की भागीदारी पर नजर है। वोटर्स में इजाफा, लोगों को कर रहे जागरूक: कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक का कहना है कि निकाय चुनाव के लिए प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मतदाताओं से अपील है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में उत्साह के साथ भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें। मतदान के दिन समय पर मतदान केंद्र पहुंचें और निर्भीक होकर मतदान करें। स्वयं मतदान करने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।