नगर निगम चुनाव में युवा वोटरों की बड़ी हिस्सेदारी के बावजूद राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में जेन-जी को अपेक्षाकृत कम मौका दिया है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में करीब 24 लाख वोटर हैं। इनमें 23% यानी 5.52 लाख वोटर जेन-जी के हैं। जेन-जी में वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा शामिल होते हैं। इस आयु वर्ग में जो मतदाता हैं, उनको लुभाने के लिए राजनीतिक दल सक्रिय हैं, लेकिन टिकट वितरण की बात करें तो 30 साल से कम आयु के 22 प्रत्याशी मैदान में हैं। युवा उम्मीदवारों को मौका देने के मामले में कांग्रेस आगे है। कांग्रेस ने 21 से 30 साल की उम्र के 14 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने इस आयु वर्ग से महज 8 प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। हालांकि, दोनों ही प्रमुख दलों ने कुल मिलाकर 31 से 60 साल की उम्र वाले उम्मीदवारों को ज्यादा तवज्जो दी है। दोनों दलों के लिए चुनौती; निगम के 150 वार्डों में युवा वोटरों की संख्या को देखते हुए टिकट वितरण में जेन-जी की हिस्सेदारी चर्चा का विषय बन गई है। नगर निगम चुनाव में 5.52 लाख के आसपास जेन-जी वोटरों की मौजूदगी परिणामों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में पार्टियों के सामने चुनौती सिर्फ युवा उम्मीदवार उतारने की नहीं, बल्कि इस बड़े युवा वोट बैंक तक प्रभावी तरीके से पहुंचने की भी है। 72 साल के निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में सबसे ज्यादा उम्र की बात करें तो वार्ड 66 में दो निर्दलीय उम्मीदवार 71 और 72 वर्ष के हैं, जिन्होंने नामांकन भरा है। ऐसे ही 77 नंबर वार्ड में 70 साल के एक पूर्व पार्षद ने नामांकन भरा है। पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस ने 115 वार्ड से 67 साल का उम्मीदवार उतारा है, वहीं भाजपा ने वार्ड 1 से 66 साल के उम्मीदवार को टिकट दिया है। इसी तरह सबसे कम उम्र की बात करें तो भाजपा से वार्ड 10 में 21 साल की युवती मैदान में है और कांग्रेस से 71 नंबर वार्ड में 21 साल का युवक चुनावी मैदान में है।