अजमेर में नाम वापसी के साथ चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने कुछ बागियों को नाम वापसी के लिए राजी कर लिया। अब भी बड़ी संख्या में भाजपा व कांग्रेस के बागी चुनाव मैदान में है। 125 निर्दलीयों के नाम वापसी के बाद अब 340 कैंडिडेट चुनाव मैदान में है। इसमें 79 बीजेपी, 77 कांग्रेस और 184 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। कांग्रेस से 47 और भाजपा से 19 बागी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। पार्टी प्रत्याशी का निर्दलीय से सीधा मुकाबला वार्ड संख्या 3 व 4 में कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे। वार्ड 24 से भाजपा प्रत्याशी व वार्ड 41 के कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन जांच में खारिज हो गए। वार्ड 3 से भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा, वार्ड 4 से भाजपा प्रत्याशी मानिका जैन, वार्ड 24 से कांग्रेस प्रत्याशी रश्मि हिंगोरानी, वार्ड 41 से भाजपा प्रत्याशी सुनील सिंह का मुकाबला पार्टी प्रत्याशी के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी से होगा। कांग्रेस ने वार्ड 41 से निर्दलीय दिनेश शर्मा को समर्थन दिया है और अब इस वार्ड में भाजपा के सुनील सिंह के अलावा भाजपा की बागी नीतू मिश्रा है। ऐसे में भाजपा के लिए मुश्किल बढ़ी है। नीतू मिश्रा पूर्व पार्षद है और उनके पति रंजन मिश्रा ने भी टिकट नहीं मिलने से भाजपा छोड़ दी और खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने अपने बागी दिनेश शर्मा को समर्थन दिया है। वार्ड चार में भाजपा की मोनिका जैन का मुकाबला निर्दलीय हेमा गहलोत से है। हेमा के पति दो बार मेयर रहे चुके है और डीएलबी से नोटिस मिलने से खफा होकर भाजपा से इस्तीफा दिया और अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा। यहां कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा और माना जा रहा है कि गहलोत को कांग्रेस का समर्थन है। इसी प्रकार वार्ड तीन में भाजपा प्रत्याशी का मुकाबला भाजपा की बागी संध्या काबरा से है और वहां भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। संध्या को कांग्रेस का समर्थक माना जा रहा है। इसी प्रकार वार्ड 24 से भाजपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो गया और तीन बार से पार्षद रश्मि हिंगोरानी कांग्रेस के बागी व निर्दलीय से है। यहां देंखे वार्डवार प्रत्याशी