अलवर में नगर निकाय चुनाव के लिए टिकट वितरण से पहले कांग्रेस में दावेदारों और समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है। रविवार सुबह टिकट कटने की आशंका के बीच कई वार्डों के लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत के निवास पर पहुंचे और अपनी-अपनी दावेदारी रखते हुए पार्टी नेतृत्व से स्थानीय और जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग की। टिकट न मिला तो निर्दलीय चुनाव की चेतावनी वार्ड 51 के लोगों ने मलकीत को टिकट देने की मांग की। समर्थकों ने कहा कि उनके वार्ड में मलकीत मजबूत दावेदार हैं और पार्टी को उन्हीं को टिकट देना चाहिए। उनका आरोप था कि पार्टी प्रकाश सैनी की ओर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मलकीत को टिकट नहीं दिया गया तो कार्यकर्ताओं में विरोध की स्थिति बन सकती है और निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। टिकट के दावेदार मलकीत ने कहा कि वार्ड में उनके समाज के करीब 1360 वोट हैं और अन्य समाजों का भी समर्थन है, इसलिए उन्हें प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए। बाहरी व्यक्ति को टिकिट देने का विरोध वार्ड 3 से महेश सैनी और राजेंद्र सैनी भी जिलाध्यक्ष के निवास पहुंचे। महेश सैनी ने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि पार्टी के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड में बाहरी प्रत्याशी को टिकट देने की चर्चा से स्थानीय दावेदारों में नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ड में किसी बाहरी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। महेश ने आशंका जताई कि पार्टी रामबाबू को टिकट देने पर विचार कर रही है। वहीं राजेंद्र सैनी ने कहा कि वह युवा कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और पार्टी को ऐसे क्षेत्रीय व्यक्ति को टिकट देना चाहिए, जिसकी पार्टी के प्रति निष्ठा हो। उन्होंने कहा कि पूरा वार्ड बाहरी प्रत्याशी का विरोध करेगा, चाहे वह भाजपा का हो या कांग्रेस का। पार्टी द्वारा जारी लिस्ट के आधार पर ही मिलेगा टिकिट वार्ड 46 से सिख समाज के लोग भी जिलाध्यक्ष से मिले। उन्होंने कहा कि वार्ड में कांग्रेस का प्रत्याशी लगातार तीसरे स्थान पर रहता है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी बाजी मार जाते हैं। समाज के लोगों ने बताया कि वार्ड में सिख समाज के 1200 से अधिक और मुस्लिम समाज के करीब 600 वोट हैं। ऐसे में पार्टी को जातीय समीकरण और जीत की संभावना को ध्यान में रखते हुए मजबूत उम्मीदवार को टिकट देना चाहिए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा कि पार्टी के पर्यवेक्षकों और ब्लॉक अध्यक्षों की ओर से वार्डों में सर्वे करवाया गया है। सर्वे में सामने आए नामों और दावेदारों की स्थिति को स्पष्ट करते हुए सूची पीसीसी को भेज दी गई है। अब शाम को पीसीसी की ओर से जो सूची जारी होगी। उसमें सर्वे के आधार पर ही पार्टी प्रत्याशियों को टिकट देगी। गंगावत ने कहा कि परिसीमन के दौरान कई वार्ड अलग-अलग हो गए हैं, लेकिन कई जगह मोहल्ला एक ही है और बीच में केवल सड़क का अंतर है। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति को बाहरी नहीं माना जा सकता, बल्कि मोहल्ले और स्थानीय जुड़ाव के आधार पर प्रत्याशी का आकलन किया जा सकता है।