पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- यह सोचने वाली बात है कि मुख्यमंत्री को रोड शो करने की नौबत क्यों आई? यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री स्थानीय निकाय चुनावों में रोड शो कर रहा है। यह उनके लिए कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी नाकामी है। रोड शो करके उन्होंने खुद सिद्ध कर दिया कि ढाई साल से सरकार कैसे चल रही है और जनता में कितना भारी आक्रोश है। टूटी सड़कों और खराब सीवरेज व्यवस्था से शहर बर्बाद हो रहे हैं। विकास का कोई काम नहीं हो रहा है। गहलोत ने कहा- जातिगत जनगणना के मामले में सरकार की नीयत साफ नहीं है। जिस प्रणाली के जरिए इसे आगे बढ़ाया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने कहा- मौजूदा सरकार ने प्रदेश के क्रिकेट ढांचे को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। पिछले करीब पौने तीन साल से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव नहीं हुए और जयपुर में बन रहे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का काम भी रुका हुआ है। अशोक गहलोत रविवार को जयपुर के एक निजी होटल में मथुरा दास क्रिकेट अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। दूसरे राज्यों के मंत्री-नेता आ रहे गहलोत ने कहा- हमारी सरकार के समय 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान में हमने 12 लाख पट्टे बांटे थे। पिछले ढाई-पौने तीन साल में इन्होंने कितने पट्टे दिए हैं? मुश्किल से एक लाख भी नहीं दिए होंगे। इसी घबराहट और बौखलाहट में दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से इनके मंत्री और हाईकमान के नेता यहां आ रहे हैं। आखिर स्थानीय चुनाव को इतना बड़ा टारगेट बनाकर क्यों चलाया जा रहा है? इसका साफ मतलब है कि इन्हें जनता के आक्रोश का पता चल गया है और अब ये जनता को भ्रमित करने आ रहे हैं। गलत सिस्टम अपनाया तो फिर पैदा होंगी लाखों जातियां जातिगत जनगणना के मुद्दे पर गहलोत ने कहा- सरकार की नीयत साफ होती तो वह सही और वैज्ञानिक प्रणाली अपनाती। यूपीए सरकार के समय घर-घर जाकर सर्वे किया गया था, लेकिन नाम और जातियों की स्पेलिंग में हुई गलतियों के कारण डेटा में भारी गड़बड़ियां सामने आईं। अगर किसी व्यक्ति के नाम या जाति की स्पेलिंग अलग-अलग तरीके से दर्ज हो गई तो उसे अलग एंट्री के रूप में दर्ज कर लिया गया। इसी तरह गोत्रों के अलग-अलग दर्ज होने से आंकड़ों में लाखों जातियों जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से भारत में सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) का पूरा डेटा व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल नहीं हो पाया। उसके दस्तावेज दबे रह गए। गहलोत बोले- लोगों का भ्रम टूट चुका पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के चुनावी वादों पर कहा- हर साल दो करोड़ नौकरियां देने, अच्छे दिन लाने, किसानों की आय दोगुनी करने, काला धन वापस लाने और खातों में 15 लाख रुपए आने जैसे वादों पर जनता अब सवाल पूछ रही है। अब लोगों का भ्रम टूट चुका है। गहलोत ने कहा- मौजूदा सरकार की खेलों में रुचि नहीं है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव पिछले करीब तीन साल से नहीं कराए गए। जब हमारी सरकार थी, तब जयपुर में दुनिया के बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक बनाने का सपना देखा गया था। इस प्रोजेक्ट के लिए उस समय हिंदुस्तान जिंक के अनिल अग्रवाल से बातचीत हुई थी। स्टेडियम निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग का भरोसा मिला और काम भी शुरू हो गया। लेकिन अब प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। उसका काम बंद हो गया है। प्रदेश में कई इमारतें बनकर तैयार हैं, लेकिन सरकार उन्हें जनता को समर्पित तक नहीं कर रही है। CM Gen Z की भावना समझें, RCA चुनाव कराएं गहलोत ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि क्रिकेट को लेकर युवा पीढ़ी और खासकर Gen Z की भावनाओं को समझना चाहिए। लाखों युवा, बच्चे, बुजुर्ग और क्रिकेट प्रेमी जयपुर में बन रहे स्टेडियम के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में स्टेडियम का काम रोकना और RCA के चुनाव नहीं कराना प्रदेश के क्रिकेट हित में नहीं है। राजनीति हर जगह है, लेकिन लक्ष्मण रेखा पार नहीं होनी चाहिए गहलोत ने कहा- राजनीति हर जगह होती है। खेल संघों में भी राजनीति होती है और अब तो न्यायपालिका में भी राजनीति होने की बात सामने आती है। राजनीति होनी चाहिए, लेकिन उसकी एक लक्ष्मण रेखा होती है। उसे पार नहीं किया जाना चाहिए। राजस्थान में सरकार राजनीतिक कारणों से ही पिछले करीब तीन साल से RCA के चुनाव नहीं करा रही है। राजस्थान का रणजी इतिहास भी याद दिलाया गहलोत ने कहा कि रणजी ट्रॉफी में राजस्थान का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। मेरे मुख्यमंत्री रहने के दौरान राजस्थान की टीम ने दो बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। ऐसे में प्रदेश में क्रिकेट के लिए मजबूत माहौल और ढांचा बनाने की जरूरत है।