बोरुंदा कस्बे की सरहद में शनिवार शाम कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से दो युवकों की मौत हो गई। रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने बताया कि दिलीप पुत्र प्रभुराम भंवरिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके भाई अर्जुनराम (50) और उनके साथ काम कर रहे कृषक हीरालाल (23) पुत्र सियाराम (निवासी घोड़ावट) की खेत में करंट लगने से मौत हो गई थी। दोनों को शनिवार रात अस्पताल लाया गया था, जहां उनके शव मोर्चरी में रखे गए थे। रविवार सुबह पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया और उन्हें परिजनों को सुपुर्द कर दिया। थानाधिकारी विश्नोई ने बताया कि दिलीप भंवरिया की रिपोर्ट पर मर्ग (आकस्मिक मृत्यु) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। मृतक हीरालाल उर्फ नेपाल सरगरा अपने पिता के इकलौते पुत्र थे। उनकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी और उनका एक लगभग छह माह का छोटा बच्चा भी है। अर्जुनराम भंवरिया और हीरालाल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। करंट से दो युवकों की मौत के चलते बोरुंदा के चिकित्सालय परिसर में दूसरे दिन भी परिजनों व ग्रामीणों की भारी भीड़ रही। शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहायक उप निरीक्षक जगदीश चौधरी, मुख्य आरक्षी जोगाराम बिश्नोई, कांस्टेबल हरसुख सारण, जितेंद्र कुमार और सुभाष विश्नोई सहित कई पुलिसकर्मी मौके पर उपस्थित रहे। अर्जुनराम भंवरिया का अंतिम संस्कार बोरुंदा घाटी के पास सार्वजनिक श्मशान भूमि पर किया गया। वहीं, हीरालाल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव घोड़ावट में नम आंखों के साथ संपन्न हुआ। दोनों की अंतिम यात्राओं में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।