बूंदी जिला मुख्यालय पर बुधवार को सर्व समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया। किसान नेता नरेश मीणा और अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतरे। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध जताया। सुबह से ही बूंदी-कोटा मार्ग और आसपास के गांवों से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी गाड़ियों से बूंदी पहुंचने लगे थे। दोपहर तक कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर दोनों नेताओं की रिहाई के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ झालावाड़ कोतवाली थाना में दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वक्ताओं ने मांग की कि वीडियो फुटेज और घटनाक्रम के आधार पर आरोपों की समीक्षा की जाए। अगर सबूतों से आरोप साबित नहीं होते, तो मामला खत्म कर नरेश मीणा को तुरंत रिहा किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि नरेश मीणा ने हमेशा किसानों, युवाओं और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी है। उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक दुश्मनी के कारण दर्ज किए गए हैं। ज्ञापन में दूसरी मुख्य मांग पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई को लेकर थी। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी दया याचिका लंबे समय से राज्यपाल के पास अटकी है। उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए, इंसानीयत के नाते बची हुई सजा माफ कर उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सर्व समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यह सिर्फ बूंदी की लड़ाई नहीं है। अगर राज्य सरकार और प्रशासन ने जल्दी ध्यान नहीं दिया, तो इस आंदोलन को राजस्थान के दूसरे जिलों में भी बढ़ाया जाएगा। इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मीडिया प्रभारी राकेश बैंसला ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना उनका कानूनी अधिकार है।