पूर्व CDS अनिल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय तक भारत के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती बना रहेगा। 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का ज्वाइंट डिफेंस एग्रीमेंट किया था। उन्होंने कहा कि इस समझौते से पाकिस्तान में जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास आ सकता है और वह कोई गलत कदम उठा सकता है। इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा। चौहान ने कहा कि चीन भी भारत के लिए लंबे समय की बड़ी चुनौती है। सीमा विवाद और LAC की साझा परिभाषा का अभाव अब भी चिंता का विषय है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना जरूरी है, क्योंकि वे एशिया की बड़ी ताकतें और अर्थव्यवस्थाएं हैं। सीमा पर तनाव की वजहें… डोभाल-वांग वार्ता के बाद आया बड़ा बयान अनिल चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की है। इस वार्ता में LAC पर डीलिमिटेशन और आपसी सहयोग जारी रखने पर चर्चा हुई। पूर्व CDS ने शनिवार के एक मीडिया हाउस की संभावित हॉटलाइन शुरू करने और पूर्वोत्तर में कोर कमांडर लेवल की बातचीत से जुड़ी रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह स्वागत योग्य कदम है। भारत-चीन में सहयोग भी, सैन्य संघर्ष भी पूर्व CDS जनरल चौहान ने कहा कि भारत और चीन दोनों आपस में सहयोग भी करते हैं और प्रतिस्पर्धा भी। क्षेत्रीय और वैश्विक व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के विचार अलग हैं, लेकिन इसके बावजूद चीन के साथ बातचीत की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) और अब BRICS के तहत यही कर रहे हैं। एशिया का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत और चीन का एक साथ उभरना किस तरह आगे बढ़ता है।” पड़ोसी देशों में अस्थिरता भी चुनौती अपने व्याख्यान में पूर्व CDS ने भारत के सामने मौजूद कई चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर भी बात की। उन्होंने भारतीय पड़ोस के कई देशों में अस्थिरता को भी एक खतरा बताया, जिसे संभालना जरूरी है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पूर्व CDS बोले- पाकिस्तान की किराना हिल्स से टकराया था ड्रोन, वह टारगेट नहीं था, अनजाने में गिरा होगा देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बताया कि मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की किराना हिल्स पर अनजाने में एक ड्रोन गिर गया था। पूरी खबर पढ़ें…