चित्तौड़गढ़ के गंगरार में रविवार को जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई हुए मध्यप्रदेश के नीमच जिले के चर्चित एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी पिछले करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से दूर था और अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह राजसमंद क्षेत्र की मार्बल फैक्ट्रियों में मजदूरी कर रहा था और जरूरत पड़ने पर ही गुपचुप तरीके से अपने गांव आता था। गंगरार में घरेलू सामान खरीदने आने की सूचना मिलते ही डीएसटी ने जाल बिछाया और उसे डिटेन कर लिया। आरोपी को अब आगे की कार्रवाई के लिए मध्यप्रदेश के रतनगढ़ थाना पुलिस को सौंपा जाएगा। आरोपी 369 किलो डोडाचूरा जब्ती के मामले में लंबे समय से वांछित था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना ने दिलाई बड़ी सफलता जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया- इनामी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रतनगढ़ थाना, जिला नीमच के एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित आरोपी रोशन शर्मा उर्फ रोशनलाल शर्मा इन दिनों राजसमंद की तरफ मार्बल फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा है। सूचना में यह भी बताया गया कि वह कुछ समय के लिए अपने गांव आया हुआ है और गंगरार में घरेलू सामान खरीदने पहुंच सकता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएसटी टीम तुरंत गंगरार पहुंची और बाजार में किराना दुकानों के आसपास निगरानी शुरू कर दी। पुलिस ने बिना किसी हड़बड़ी के संदिग्ध लोगों पर नजर रखी ताकि आरोपी को भनक न लगे। किराना दुकान पर मिला आरोपी कुछ समय बाद मुखबिर की ओर से बताए गए हुलिए का एक व्यक्ति किराना दुकान पर दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर सामान्य तरीके से नाम और पता पूछा। शुरुआत में वह घबराया हुआ नजर आया, लेकिन पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम रोशन पिता जानकी लाल शर्मा निवासी खरखंदा, थाना गंगरार, जिला चित्तौड़गढ़ बताया। पुलिस ने उसकी पहचान का मिलान पहले से उपलब्ध रिकॉर्ड चेक किया तो पहचान हुई कि यह वहीं आरोपी है जिस पर रतनगढ़ थाना पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। इसके बाद पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया और तुरंत रतनगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। मध्यप्रदेश पुलिस को सूचना मिलते ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 369 किलो डोडाचूरा मामले में दो साल से था फरार था पुलिस के अनुसार रोशन शर्मा रतनगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के उस मामले में वांछित था। जिसमें 369 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया था। इस मामले के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पिछले करीब दो साल से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। कई बार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन हर बार वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही जगह बदल देता था। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। आखिरकार मुखबिर से मिली सटीक सूचना और डीएसटी की निगरानी के चलते पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही। मोबाइल नहीं रखता था पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद सतर्क तरीके से रह रहा था। वह अपने पास कोई मोबाइल फोन नहीं रखता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। जरूरत पड़ने पर वह अपने साथ काम करने वाले लोगों या दोस्तों के मोबाइल से ही संपर्क करता था। इतना ही नहीं, वह लंबे समय तक अपने घर भी नहीं जाता था। गांव आने पर भी सीधे घर नहीं पहुंचता, बल्कि दोस्तों के यहां रुकता था और मौका देखकर वापस निकल जाता था। राजसमंद की मार्बल फैक्ट्रियों में मजदूरी करके वह अपना खर्च चला रहा था। इसी बहाने अलग-अलग जगहों पर रहकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। हालांकि इस बार गंगरार आने की सूचना लीक होने के बाद उसकी पूरी योजना नाकाम हो गई। अब एमपी पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई डीएसटी की कार्रवाई के बाद आरोपी को डिटेन कर रतनगढ़ थाना, जिला नीमच पुलिस को सूचना दे दी गई है। अब मध्यप्रदेश पुलिस उसे अपने कब्जे में लेकर कोर्ट में पेश करेगी और एनडीपीएस एक्ट के मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और ऐसे मामलों में मुखबिर तंत्र की भूमिका काफी जरूरी रहती है।