नगर निगम चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा घमासान रविवार को जयपुर में देर रात तक खिंच गया। कोटा में टिकटों को लेकर पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए पार्टी हाईकमान के निर्देश पर रविवार सुबह जयपुर में बुलाई गई बैठक देर रात तक अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई। प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान की अध्यक्षता में हुई इस मैराथन बैठक में कोटा के दोनों जिलाध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों ने भाग लिया। सुबह सबसे पहले कांग्रेस वॉर रूम में मीटिंग का दौर चला। बैठक के दौरान कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं के बड़े नेताओं से वार्डवार उम्मीदवारों के पैनल जमा कराए गए। संगठन ने रणनीति के तहत जिन वार्डों के पैनल में सिंगल नाम या सर्वसम्मत नाम थे, उन्हें बिना किसी विवाद के सबसे पहले फाइनल कर दिया। इसके बाद विवादित और बहु-दावेदारों वाले वार्डों पर एक-एक कर चर्चा की गई। कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के दिग्गज नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाले वार्डों के टिकट खुद तय करने की बात कही। इस पर प्रदेश संगठन व हाईकमान ने प्रस्ताव दिया कि कुछ वार्डों के टिकट लोकसभा क्षेत्र के जातीय एवं राजनीतिक समीकरणों के आधार पर बांटे जाएं। हालांकि, स्थानीय नेता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से ही टिकट बंटवारे की मांग पर अड़े रहे। घंटों चली समझाइश के बाद अधिकांश सीटों पर सहमति बन गई, लेकिन लगभग 8 से 10 वार्डों में देर रात तक अंतिम नाम पर संशय बना रहा। सीधे कोटा पहुंचेंगे सिंबल जयपुर में मीटिंग खत्म होने के बाद अब प्रदेश सह-प्रभारी पूनम पासवान सोमवार सुबह सीधे कोटा पहुंचकर प्रत्याशियों को सिंबल सौंपेंगी। वहीं जिन दावेदारों के नाम तय हो चुके हैं, उन्हें संबंधित विधानसभा के विधायक वरिष्ठ नेता फोन कर जानकारी दे रहे हैं। अंतिम समय में टिकट कटने से नाराज होकर निर्दलीय पर्चा भरने वाले कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए भी वरिष्ठ नेताओं की टीमें तैनात की गई हैं।