नगर निगम में कांग्रेस 17 वार्डों में प्रत्याशियों को सिंबल समय पर नहीं दे पाई। कांग्रेस अब 70 वार्डों में सिर्फ 53 में ही चुनाव लड़ेगी। इसका फायदा भाजपा को होगा। तर्क दिया गया कि प्रदेश कार्यालय से ही कांग्रेस सिंबल लेट पहुंचे। रिटर्निंग अधिकारी के पास समय पर नहीं पहुंच पाए। पड़ताल में आया कि मुख्यालय ने 30 अगस्त की रात सिंबल भेजे थे। यहां पूर्व मंत्री रामलाल जाट और एआईसीसी के पूर्व सचिव धीरज गुर्जर के झगड़े में प्रत्याशियों के नाम फाइनल नहीं हुए। यही वजह है कि कांग्रेस के नेता दोपहर 2:40 बजे कलेक्ट्रेट तो पहुंच गए, लेकिन सूची खाली थी। आरओ ने कांग्रेस नेता को इन नामों को भरने के लिए कहा, लेकिन फिर भी सहमति नहीं बनी। ऐसे में तीन बज गए और आरओ ने सिंबल लेने से मना कर दिया। इसका प्रभारी मुकेश वर्मा, कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष जीपी खटीक व कांग्रेस नेता महेश सोनी ने विरोध किया, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने नहीं सुना। इधर, भीलवाड़ा निगम चुनाव प्रभारी ने रिपोर्ट दी थी कि रामलाल जाट व धीरज गुर्जर में सहमति नहीं होने से सूची फाइनल नहीं की जा सकती है। उन्होंने डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को समझाने के लिए कहा। हालांकि मीटिंग में हंगामा हो गया और नाम अटक गए। सिंबल एक दिन पहले भेजे थे, चूक की जांच करा रहे पूरे प्रदेश में सिंबल समय पर पहुंचे। हमने एक दिन पहले ही सिंबल भेजे थे। वहां पहुंचने में देरी क्यों हुई, यह पार्टी के लिए भी चिंता का विषय है। संगठन के कौनसे नेता की क्या भूमिका रही, इसकी भी जानकारी मांगी है। कई जगह रात नौ बजे तक फॉर्म जमा होते रहे तो भीलवाड़ा में ऐसा क्या हो गया कि तीन बजने से पहले पहुंचने के बावजूद सिंबल नहीं लिए। -गोविंद सिंह डोटासरा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी 7854 नामांकन खारिज; जयपुर में सर्वाधिक 582 आवेदन निरस्त हुए राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच का काम मंगलवार रात तक जारी रहा। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 41 जिलों में अब तक 7854 नामांकन खारिज किए जा चुके हैं। इनमें कांग्रेस-भाजपा प्रत्याशियों के पर्चे भी शामिल हैं। 10,245 वार्डों के लिए कुल 69,029 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच में डमी प्रत्याशियों के साथ तकनीकी खामियों वाले आवेदन भी निरस्त किए गए हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा 582 पर्चे खारिज हुए। यहां 4,732 नामांकन दाखिल हुए थे। वहीं बाड़मेर, सवाई माधोपुर और फलोदी में एक भी नामांकन खारिज नहीं हुआ। बीकानेर, भरतपुर समेत कई जिलों में कुछ प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचित होने की राह भी साफ हो गई है। जयपुर में वार्ड 146 से भाजपा प्रत्याशी अफसाना ट्रैफिक में फंसने के कारण आवेदन नहीं कर पाईं। वार्ड 111 में कांग्रेस के ज्वाला प्रसाद का नामांकन खारिज हो गया। 3 को तस्वीर साफ होगी : स्क्रूटनी के बाद अब 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी होगी। इसके बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम संख्या और सूची स्पष्ट होगी।