101 ब्लैक स्पॉट पहले ही मैप पर जोड़े जा चुके ऑपरेशन सेफर रोड्स के तहत अब दौसा और अलवर से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई नेशनल एक्सप्रेस-वे के 6 ब्लैक स्पॉट भी गूगल मैप से जोड़े जाएंगे। रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने इसके लिए गूगल प्रबंधन को पत्र भेजा है। इन दुर्घटना संभावित स्थानों से करीब 200 मीटर पहले गूगल मैप स्क्रीन और आवाज के जरिए वाहन चालकों को अलर्ट करेगा और गति कम करने की चेतावनी देगा। जयपुर रेंज ने एक सप्ताह पहले गूगल के साथ एमओयू कर जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, भिवाड़ी, अलवर खैरथल-तिजारा और दौसा जिलों में 101 ब्लैक स्पॉट गूगल मैप पर एड कराए थे। अब रेंज क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के दुर्घटना संभावित स्थानों पर यह सुविधा और विस्तार पाएगी। पूर्व में जोड़े गए ब्लैक स्पॉट पर अलर्ट व्यवस्था की जांच के लिए जिला स्तर पर विशेष ट्रैकर टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अलग-अलग समय पर मौके पर जाकर अलर्ट की जांच कर रही हैं। NH-4 के 6 ब्लैक स्पॉट इन ब्लैक स्पॉट की पहचान 1 जनवरी 2025 से 13 जुलाई 2026 तक हुए हादसों के विश्लेषण के आधार पर की गई है। 1. कोलवा के द्वारापुरा में 8 मौत और 12 घायल। 2. राजगढ़ के पिनान में 3 मौत और 31 घायल। 3. कोलवा के ढिगारिया टप्पा कोलेश्वर में 3 मौत और 1 घायल, 4. रैणी के कणेती में 3 मौत और 1 घायल। 5. लक्ष्मणगढ़ के बास ढेकड़ा में 3 मौत और 2 घायल। 6. बड़ौदा-मेव में 3 मौत शामिल। ऐसे मिलेगा अलर्ट: गूगल मैप पर नेविगेशन के दौरान ब्लैक स्पॉट के नजदीक पहुंचते ही स्क्रीन पर सड़क सुरक्षा संबंधी चेतावनी दिखाई देगी और आवाज से अलर्ट मिलेगा। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है। अनजान सड़कों पर तेज गति से होने वाले हादसे रोकने के लिए यह प्रयास किया गया है। सफलता के बाद इसे नेशनल हाईवे पर लागू कराया जा रहा है। प्रत्येक 3 माह में ब्लैक स्पॉट की समीक्षा होगी। चालक अलर्ट को गंभीरता से लें और गति निर्धारित सीमा में रखें। -राहुल प्रकाश, रेंज आईजी, जयपुर