अदालतों में अब फाइलों के ढेर और कागजों पर चलने वाली सुनवाई का दौर खत्म होगा। प्रदेश की 48 अदालतों को पेपरलेस किया जा रहा है। इनमें 36 एनआई एक्ट और 12 कॉमर्शियल कोर्ट हैं। नई व्यवस्था में केस की पेशी से लेकर दस्तावेज पेश करने, सुनवाई और ऑर्डरशीट तैयार करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। 15 सितंबर के बाद पेपरलेस काम शुरू किया जाएगा। पेपरलेस कोर्ट के बाहर एलईडी लगाई जाएगी। इस पर वादी-प्रतिवादियों को सुनवाई के लिए केस की तारीख दिखाई जाएगी। साथ ही, कोर्ट रूम में जज की कुर्सी के पीछे एलईडी स्क्रीन में वादी-परिवादी केस से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड देख सकेंगे। इसके लिए ‘न्यायान’ सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया है। अदालतों में अगली तारीख, पेशी और ऑर्डरशीट जैसे काम हो सकेंगे। वकीलों के लिए दो कंप्यूटर, वहीं से पेश होंगे दस्तावेज अधिवक्ताओं के लिए दो कंप्यूटर लगाए गए हैं। दोनों पक्ष दस्तावेज ऑनलाइन पेश करेंगे। सुनवाई के लिए स्पीकर और माइक भी लगाए गए हैं। यानी कागजी फाइल लेकर कोर्ट रूम में दस्तावेज पेश करने की जगह डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सुनवाई होगी।