डूंगरपुर का आरासुरी पद यात्रा संघ बांसिया अपनी 21वीं वर्षगांठ पर इस बार नई परंपरा की शुरुआत करने जा रहा है। पिछले 20 सालों से अंबाजी तक पदयात्रा निकाल रहे संघ के श्रद्धालु पहली बार रथ में सवार होकर मां आरासुरी के दरबार पहुंचेंगे। 19 सितंबर को बांसिया से शुरू होने वाली छह दिवसीय रथ यात्रा 24 सितंबर को अंबाजी पहुंचेगी। यहां मां के दरबार में 51 फीट लंबी धर्म ध्वजा चढ़ाई जाएगी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। 20 साल की पदयात्रा के बाद पहली बार रथ यात्रा संघ अध्यक्ष दिनेश कलाल ने बताया कि पिछले दो दशकों से बांसिया से अंबाजी तक पदयात्रा की परंपरा रही है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। संघ की 21वीं वर्षगांठ को देखते हुए इस बार यात्रा के स्वरूप में बदलाव करते हुए पहली बार रथ यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। नई पहल को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। पांच पड़ाव, छठे दिन अंबाजी पहुंचेंगे रथ यात्रा 19 सितंबर को बांसिया से रवाना होकर पहले रात्रि पड़ाव वटली पहुंचेगी। इसके बाद शामलाजी, लक्ष्मणपुरा, खेड़ब्रह्मा और हड़ात में रात्रि विश्राम होगा। इस तरह पांच पड़ाव पूरे करने के बाद यात्रा 24 सितंबर को अंबाजी पहुंचेगी। अंबाजी में मां आरासुरी के दरबार में 51 फीट की धर्म ध्वजा चढ़ाई जाएगी और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। छठी रात अंबाजी में विश्राम के बाद संघ 25 सितंबर की सुबह बांसिया के लिए वापस रवाना होगा। श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में भोजन की व्यवस्था यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संघ की ओर से भोजन की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए रसोइया भी साथ रहेगा, जो सुबह नाश्ता और रात का भोजन तैयार करेगा। सभी रात्रि पड़ावों पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। साढ़े तीन से चार लाख में तैयार हो रहा रथ पहली रथ यात्रा को लेकर संघ की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं और संघ सदस्यों के स्वैच्छिक सहयोग से रथ का निर्माण कराया जा रहा है। रथ निर्माण पर करीब साढ़े तीन से चार लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। संघ के सदस्य रथ निर्माण के साथ ही यात्रा की अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 21 साल की आस्था का नया पड़ाव अध्यक्ष दिनेश कलाल ने बताया कि 20 साल तक पैदल यात्रा करने के बाद पहली बार रथ के माध्यम से मां आरासुरी के दरबार पहुंचना संघ के लिए ऐतिहासिक और श्रद्धा से जुड़ा विशेष अवसर होगा। यात्रा की तैयारियों में अध्यक्ष दिनेश कलाल के साथ जितेंद्र दर्जी, नेपाल सिंग, योगेश कलाल, चिमन यादव, राकेश कलाल, अजय दर्जी, लोकेश दर्जी, विकास कलाल, मगन यादव, राजवीर सिंह राठौड़, पूर्णाशंकर डोडियार, नरेश डोडियार, अनिल डोडियार सहित अन्य सदस्य जुटे हुए हैं।