डूंगरपुर पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की है। पुलिस और महिलाओं के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास बढ़ाने के मकसद से महिला यूथ सामुदायिक संपर्क समूह (महिला यूथ सीएलजी) बनाया गया है। इसी के तहत बुधवार को जिला मुख्यालय और जिले के चारों वृत्त कार्यालयों में महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ बैठकें हुईं। इनमें करीब 300 महिलाएं और बालिकाएं शामिल हुईं। इस अभियान से अब तक 2200 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर और एएसपी खिंवासिंह राजपुरोहित की देखरेख में ये बैठकें हुईं। इनमें महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और स्थानीय समस्याओं पर खुलकर बात हुई। पुलिस ने महिला यूथ सीएलजी को पुलिस और समाज के बीच बातचीत और भरोसे का एक मजबूत जरिया बनाने पर जोर दिया। बैठक में महिलाओं को जीरो एफआईआर, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम और पॉक्सो एक्ट जैसे कानूनों की जानकारी दी गई। उन्हें महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े दूसरे नियम भी बताए गए। आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 के बारे में भी बताया गया। महिलाओं को समझाया गया कि हिंसा, उत्पीड़न या किसी खतरे की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस बातचीत में घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, साइबर अपराध, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, ऑनलाइन ठगी और बालिकाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए गए। सीएलजी सदस्यों ने अपने इलाकों की समस्याएं पुलिस अधिकारियों को बताईं और सुझाव भी दिए। महिला सदस्यों ने मुख्य सड़कों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने, स्कूल-कॉलेजों के पास निगरानी तेज करने और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस व महिला यूथ सीएलजी के बीच लगातार तालमेल रखने का सुझाव दिया। पुलिस अधिकारियों ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया और जरूरत के हिसाब से गश्त, निगरानी और पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया।