कांग्रेस ने 3-3 का पैनल बनाया, भाजपा ने विधायकों से 5-5 नाम लिए, आज बनेगा 3 का पैनल सोमवार तक ही आवेदन, इसलिए रविवार रात सूची जारी करने की रणनीति निगम चुनाव में टिकट के नाम लगभग तय होने के बावजूद कांग्रेस और भाजपा सूची जारी करने से बच रही हैं। दोनों पार्टियों को सबसे ज्यादा डर टिकट कटने के बाद होने वाली बगावत का है। आशंका है कि सूची समय से पहले जारी हुई तो नाराज दावेदारों को निर्दलीय मैदान में उतरने, विरोध करने और भीतरघात का मौका मिल जाएगा। यही वजह है कि दोनों पार्टियां अंतिम समय में टिकट की सूची जारी करने की रणनीति पर चल रही हैं। कांग्रेस ने तीन दिन के मंथन के बाद हर वार्ड से तीन नाम का पैनल तैयार कर लिया है। अब इन नामों में से एक का चयन करने के लिए घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। कांग्रेस रविवार रात पहली सूची जारी करने की तैयारी में है। भाजपा शनिवार को पैनल तैयार करने के बाद रविवार रात सूची जारी करेगी। दोनों पार्टियों की रणनीति साफ है- टिकट का नाम आखिरी वक्त तक गोपनीय रखो, ताकि बागियों को संभलने और मैदान में उतरने का समय न मिले। कांग्रेस ने तीन नाम छांटे, अब घर-घर सर्वे
कांग्रेस ने तीन दिन के मंथन के बाद 150 वार्डों में तीन-तीन नाम का पैनल तैयार कर लिया है। विधायक, विधायक प्रत्याशी, ब्लॉक अध्यक्ष और संगठन के पास आए नामों पर चर्चा के बाद यह पैनल बनाया गया। अब तीनों दावेदारों में से एक नाम तय करने से पहले पार्टी घर-घर सर्वे करा रही है। सर्वे में आसपास के लोगों से दावेदार के कामकाज, वार्ड में पकड़, छवि और आपराधिक मामलों की जानकारी ली जा रही है। पार्टी का प्रयास है कि सिर्फ संगठन की सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि जिसकी जीत की संभावना सबसे ज्यादा हो, उसी को टिकट दिया जाए। शनिवार और रविवार को दावेदारों के नाम पर फिर मंथन होगा। इसके बाद सर्वसम्मति से नाम तय किए जाएंगे। भाजपा में संगठन के पास आए आवेदनों की स्क्रूटनी जारी
भाजपा में टिकट की प्रक्रिया कांग्रेस से एक कदम पीछे चल रही है। शुक्रवार को पार्टी ने विधायक, मंत्री और विधायक प्रत्याशियों से प्रत्येक वार्ड के लिए 5-5 नाम लिए हैं। मंडल अध्यक्षों और संगठन के पास आए आवेदनों की स्क्रूटनी अभी चल रही है। शनिवार को स्क्रूटनी के बाद प्रत्येक वार्ड से तीन नाम का पैनल तैयार किया जाएगा। यह पैनल सेंट्रल कमेटी के पास जाएगा, जहां से अंतिम नाम पर मुहर लगेगी। भाजपा भी शनिवार को सूची जारी नहीं करेगी। पार्टी की योजना रविवार रात उम्मीदवारों की सूची जारी करने की है। इसका सीधा कारण सोमवार को नामांकन की अंतिम तारीख होना है। यानी सूची इतनी देर से जारी हो कि टिकट से नाराज दावेदारों के पास बगावत या निर्दलीय नामांकन की तैयारी का समय न बचे। ‘टिकट चौपाल’ में दिनभर चली माथापच्ची, दावेदारों से सीधे सवाल
शुक्रवार को कांग्रेस में टिकट को लेकर दिनभर ‘टिकट चौपाल’ चली। कैंपेन कमेटी के चेयरमैन और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन प्रताप सिंह खाचरियावास, अनुशासन कमेटी के चेयरमैन अमीन कागजी और पॉलिटिकल कमेटी के चेयरमैन रफीक खान ने दावेदारों के नामों पर मंथन किया। शहर जिला कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा और सह प्रभारी रघुवीर सिंह राठौड़ भी बैठक में शामिल रहे। बैठक में स्क्रूटनी के बाद बचे नामों पर चर्चा हुई। उनसे वार्ड में उनकी पकड़, पार्टी के लिए सक्रियता, पिछले चुनाव में भूमिका और चुनाव जीतने की क्षमता को लेकर जानकारी ली गई। पार्टियों के बड़े नेता ‘अंडरग्राउंड’, किसी का फोन तक नहीं उठा रहे
टिकट वितरण में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस और भाजपा के कई नेता इन दिनों कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए हुए हैं। कई नेता फोन तक नहीं उठा रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह टिकट की सिफारिश को लेकर दबाव है। दोनों पार्टियां नेताओं की पसंद के बजाय जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवार को टिकट देने का दावा कर रही हैं। ऐसे में नेता किसी एक दावेदार के पक्ष में खुलकर सामने आने से बच रहे हैं।