भास्कर न्यूज| बारां जिले मेंे छह निकायों के 210 वार्डों में 763 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें वकील, डॉक्टर, पेंशनर से लेकर व्यवसायी और गृहणियां मैदान में डटी हुई हैं। चुनाव मैदान में आधी आबादी की ओर से सबसे बड़ी भागीदारी घरेलू महिलाओं यानी गृहणियों की है। बारां नगर परिषद, अंता, मांगरोल, सीसवाली, अटरू और छबड़ा नगर पालिकाओं में चुनाव लड़ने वाली 266 महिलाओं में से अधिकांश ने अपना पेशा हाउस वाइफ दर्ज कराया है। ये महिलाएं अब घरों की दहलीज पार कर वार्डों की कमान संभालने को तैयार हैं। अटरू, सीसवाली, मांगरोल और छबड़ा जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों ने पर्चा भरा है। पुरुष उम्मीदवारों में सबसे बड़ा वर्ग छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और स्व-रोजगार से जुड़े लोगों का है। मेडिकल शॉप संचालक, किराना व्यवसाई, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाई, मजदूर, सफाई कर्मचारी, टाइपिस्ट, रसोइया शामिल हैं। वहीं डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पूर्व सैनिक भी चुनावी मैदान में हैं। जिले के कुल 763 प्रत्याशियों में से 266 महिला उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। बारां नगर परिषद 88 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। छबड़ा में 47, मांगरोल में 40, अटरू में 34 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि अंता नगर पालिका में 31 और सीसवाली नगर पालिका में कुल 25 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रहीं हैं। किसान-मजदूर से लेकर जुड़े प्रत्याशी ज्यादा पेशे की बात करें तो 535 प्रत्याशी किसान, मजदूर, दुकानदार, व्यापारी और स्व-रोजगार करने वाले हैं। बारां में 104 स्व-रोजगार, 24 किसान, 19 मजदूर, 3 स्टूडेंट, 1-1 पेंशनर, सफाईकर्मी, एक्स सर्विसमैन हैं। वहीं दो नहीं व्यवसाय में कुछ नहीं और एक बेरोजगार है। अंता में 22 किसान और 19 दुकानदार हैं। मांगरोल में 48 मजदूर और 25 किसान, सीसवाली में 26 मजदूर और 20 किसान, अटरू में 34 मजदूर और 19 किसान तथा छबड़ा में 24 किसान और 22 मजदूर चुनाव मैदान में हैं। आरक्षण के दायरे से बाहर निकलकर सामान्य सीटों पर दी चुनौती इस चुनाव की सबसे बड़ी और सकारात्मक खबर यह है कि महिलाएं केवल अपने लिए आरक्षित सीटों पर ही चुनाव नहीं लड़ रही। बल्कि वे सामान्य (अनारक्षित) सीटों पर भी पुरुष उम्मीदवारों को सीधी टक्कर दे रही हैं। 229 महिला प्रत्याशी ऐसी हैं जो आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। ज​बकि 37 महिला प्रत्याशियों ने अनारक्षित सीटों पर पुरुषों से मुकाबले में है। इसमें छबड़ा नगर पालिका से सबसे अधिक 15 महिलाएं और बारां नगर परिषद से 13 महिलाएं अनारक्षित सीटों से चुनाव लड़ रही हैं।