बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल ने बुधवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचकर निकाय चुनाव अभियान को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यहां कार्यकर्ताओं के साथ तीन बार के विधायक चंद्रभान सिंह आक्या हैं। ऐसे में निकाय की जीत पक्की है। विधायक चंद्रभान ने भी सभी 60 वार्ड जीतने और भाजपा का बोर्ड बनाने का दावा किया। बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। आक्या के नेतृत्व में हार नहीं सकते गजेंद्र पटेल ने कहा- चंद्रभान सिंह आक्या तीन बार जीत चुके विधायक हैं, इसलिए उनके नेतृत्व में हमें परिषद चुनाव हारना नहीं चाहिए। सभी कार्यकर्ता हर वार्ड में विधायक की सक्रिय भूमिका का पूरा फायदा उठाएं। संगठन-कार्यकर्ता का चुनाव गजेंद्र पटेल बोले- नगर परिषद चुनाव किसी एक प्रत्याशी का नहीं बल्कि पूरे संगठन और कार्यकर्ताओं का चुनाव है। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पूरे शहर के वार्डों में जाएंगे और जहां जरूरत होगी वहां उनकी भूमिका का पूरा उपयोग किया जाए। अगर किसी कार्यकर्ता को चुनाव से जुड़ी कोई परेशानी है तो वह संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों को बताए, ताकि उसका समाधान किया जा सके। चुनाव में सबसे बड़ी ताकत कार्यकर्ता होते हैं और जीत भी उनके बूते ही मिलती है। कार्यकर्ता ही भाजपा की ताकत गजेंद्र पटेल ने कहा- भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। नगर निकाय चुनाव में वार्ड का प्रत्याशी भी पार्टी का कार्यकर्ता है, इसलिए पूरा संगठन चुनाव में जुटा हुआ है। पार्टी राजस्थान सरकार के विकास कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जा रही है। मतदान के बाद भाजपा के ज्यादा से ज्यादा पार्षद जीतकर आएंगे और नगर परिषद में पार्टी का बोर्ड बनेगा। फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता चुनाव जीतना है। इसके बाद संगठन अपनी तय प्रक्रिया के अनुसार आगे का फैसला करेगा। आक्या का दावा- सभी 60 वार्ड जीतेंगे विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा- चित्तौड़गढ़ में भाजपा के पक्ष में माहौल है और सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी सभी 60 वार्डों में जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है। नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनेगा और इसके बाद पंचायत राज चुनावों में भी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रीय महामंत्री के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी, बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और संगठन के साथ मिलकर काम करने का संदेश दिया गया। बैठक से यह भी साफ हुआ कि निकाय चुनाव में भाजपा स्थानीय नेतृत्व और संगठन, दोनों को साथ लेकर चुनावी अभियान आगे बढ़ाना चाहती है।