हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अब वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने कहा कि अगर मोदी दलित होते और उनके साथ ऐसा होता तो क्या वे तब भी ऐसे ही चुप रहते। इससे पहले आज ही खड़गे ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की थी। नड्डा को लिखे पत्र में खड़गे ने कहा कि घटना के 24 दिन बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने नड्डा से राज्यसभा में दिए अपने आश्वासन के आधार पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित करने और रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज कराना सुनिश्चित करने को कहा है। खड़गे बोले- मोदी और शाह दोनों मामले पर चुप खड़गे ने वीडियो में कहा कि इस विषय पर मोदी साहब चुप बैठे हैं। अगर वो दलित होते और उनके साथ ऐसा होता तो क्या वो तब भी ऐसे ही चुप बैठते। अमित शाह वो भी चुप हैं, उनका तो काम ही लॉ एंड ऑर्डर का इंप्लीमेंट करने का है, वो भी चुप हैं। खड़गे ने कहा कि देश में कभी भी बुरी चीजें हो रही हैं तो ये उसके बारे में कुछ नहीं बोलते हैं। राम मंदिर पर बात नहीं करना, दलितों पर अत्याचार हो रहा है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है उस पर बात नहीं करना। जब तक वो मुंह नहीं खोलते तब तक दूसरे लोग भी इसके बारे में बात नहीं करते हैं उनकी सरकार में उनकी पार्टी में। खड़गे ने नड्डा को पत्र में क्या लिखा? खड़गे ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को लिखे पत्र में कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान के मंच का शुद्धिकरण कराया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR तक दर्ज नहीं हुई है। खड़गे ने नड्डा से कहा है कि वे राज्यसभा में दिए अपने आश्वासन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित करें और रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ FIR दर्ज कराना सुनिश्चित करें। खड़गे ने कहा कि ऐसे लोगों को सबक देना जरूरी है। उनके मुताबिक, इस मामले में उनका रोष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है, जिससे समाज का एक बड़ा तबका प्रभावित होता है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने X पोस्ट कर लेटर की जानकारी दी। नड्डा ने राज्यसभा में की थी घटना की निंदा 13 अगस्त को राज्यसभा में मुद्दा उठाते हुए खड़गे ने आरोप लगाया था कि उनके भाषण के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया। उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति से बताते हुए इसे आपत्तिजनक घटना बताया और दोषियों के खिलाफ अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी। मामले पर नड्डा ने घटना की निंदा करते हुए कहा था कि भाजपा ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की गहराई से जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। खड़गे ने अब इस घटना को संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसे छुआछूत की मानसिकता से जोड़ा है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला केवल उनका व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो ऐसी सामाजिक मानसिकता का सामना करते हैं। क्या है पूरा मामला? 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में हवन-यज्ञ कर कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध किया। इसके बाद राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कथित शुद्धीकरण को छुआछूत का मामला बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की थी। 30 अगस्त की रात राहुल गांधी पर FIR हल्द्वानी कोतवाली में 30 अगस्त की रात राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हुई। पुलिस के मुताबिक, हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार ने 30 अगस्त को लिखित शिकायत दी थी। अमित कुमार वाल्मीकि समुदाय से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े पदाधिकारी बताए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के शुद्धीकरण मामले को जातिगत और छुआछूत का मामला बताया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल के बयान से जातिगत भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की स्थिति बनी। पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के साथ BNS की धारा 196 में मामला दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी DSP अमित कुमार को दी गई है। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में CM आवास की सुरक्षा में सेंध:छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में गेट पर पहुंचे कांग्रेसी; घसीटकर गाड़ियों में ठूंसा देहरादून में देर रात सीएम आवास की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। यहां उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया और देर रात करीब 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए। (पढ़ें पूरी खबर)