जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा के बागियों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हवामहल विधानसभा के वार्ड नंबर 134 में भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे जीतू सैनी को मनाने के लिए शुक्रवार को भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी। विधायक बालमुकुंद आचार्य खुद उनके घर पहुंचे। उनके साथ जयपुर के पूर्व मेयर निर्मल नाहटा और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवीण दरेकर भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने जीतू सैनी को मनाने के लिए उन्हें मनोनीत पार्षद बनाने और पार्षद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। विधायक बालमुकुंद आचार्य ने जीतू की ओर से क्षेत्र और गांव में किए गए वादों को भाजपा पार्षद के माध्यम से पूरा कराने का भरोसा दिलाया। जीतू सैनी भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आने के लिए तैयार भी हो गए थे। बाद में जीतू के ताऊ नानक राम वहां पहुंच गए और नाराज हो गए। नानक राम ने कहा- हमें हारना मंजूर है, लेकिन बीजेपी के समर्थन में हम अब नहीं बैठेंगे। ताऊ के विरोध के बाद बदले समीकरण जीतू सैनी के परिवार में ही इस समझौते का विरोध शुरू हो गया। जीतू के बीजेपी को समर्थन देने की जानकारी उनके ताऊ नानक राम तक पहुंची। वे मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध शुरू कर दिया। ताऊ नानक राम ने कहा- अगर बैठना है तो बीजेपी के प्रत्याशी को बैठना चाहिए, जिसने हमारा हक मारा है। परिजनों और समर्थकों के दबाव के बाद जीतू सैनी ने फिर बगावती तेवर अपना लिए। इसके बाद जीतू ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में डटे रहने का फैसला कर लिया। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा नेता जीतू सैनी को समझाने और मनाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके समर्थक हंगामा करते हुए भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोले रखने की बात कह रहे हैं। जीतू बोले- प्रलोभन देकर बैठाना चाहते हैं पूरे विवाद के बाद जीतू सैनी ने कहा- मुझे प्रलोभन देकर चुनाव से हटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं किसी प्रलोभन में नहीं आऊंगा। जीतू ने कहा कि वह जनता की सेवा के लिए हमेशा लोगों के बीच रहेंगे और इसी उद्देश्य के साथ चुनावी मैदान में डटे रहेंगे। उनके इस बयान के बाद वार्ड 134 में भाजपा की चिंता और बढ़ गई है। बालमुकुंद बोले- जीतू BJP का कार्यकर्ता, जल्द आ जाएगा साथ वहीं विधायक बालमुकुंद आचार्य ने जीतू सैनी के बगावती तेवरों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा- जीतू भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है और जल्द ही पार्टी के समर्थन में आ जाएगा। बालमुकुंद आचार्य ने कहा- इसे किसी बड़े विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि जीतू के चुनाव मैदान में बने रहने के फैसले ने वार्ड 134 के समीकरण जरूर बदल दिए हैं। भाजपा के लिए अब चुनौती सिर्फ विपक्षी उम्मीदवार को हराने की नहीं, बल्कि अपने ही बागी से होने वाले वोटों के नुकसान को रोकने की भी है। नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड 134 का यह घटनाक्रम भाजपा के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी नेता और विधायक खुद बागियों को मनाने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। लेकिन मनाने की कोशिश, मनोनीत पार्षद बनाने का आश्वासन और बड़े नेताओं की मौजूदगी के बावजूद जीतू सैनी का नहीं मानना भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।