जयपुर में जाली नोटों के इंटरनेशनल गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आमजन को नकली करेंसी को लेकर अलर्ट किया है। पुलिस ने लोगों को जाली और असली नोट की पहचान करने के तरीके बताते हुए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। पुलिस के अनुसार नकली जाली नोटों की क्वालिटी अलग-अलग स्तर की हो सकती है। इसलिए यदि नोट को लेकर संदेह है तो उसे आगे चलाने के बजाय बैंक में जाकर जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है। संदेह हो तो बैंक में कराएं जांच पुलिस की आमजन से अपील है कि यदि कोई करेंसी नोट नकली जैसा प्रतीत होता है तो उसे बाजार में चलाने की कोशिश न करें। नोट को किसी बैंक में ले जाकर उसकी जांच कराई जा सकती है। इससे नकली नोट को आगे चलाने से बचा जा सकता है और अनजाने में परेशानी में पड़ने की संभावना भी कम होगी। संदिग्ध नोट की जांच के लिए अल्ट्रावॉयलेट (UV) लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यूवी मशीन से नोट पर मौजूद सुरक्षा फीचर्स की जांच की जाती है। इसके अलावा नोट के वॉटरमार्क, प्रिंटिंग और कागज की गुणवत्ता को भी ध्यान से देखना चाहिए। जयपुर में पकड़े गए ₹4 लाख 30 हजार 500 के नकली नोट दरअसल, बजाज नगर थाना पुलिस और CST टीम ने कार्रवाई करते हुए जाली नोटों के अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 4 लाख 30 हजार 500 रुपए के 500 नकली नोट बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि जाली नोटों की यह खेप बांग्लादेश से जयपुर पहुंची थी। इन नकली नोटों को आगामी नगर निकाय चुनाव के दौरान खपाने की तैयारी थी। (पूरी खबर पढ़ें) ये खबर भी पढ़ें…. कांग्रेस प्रदेश-प्रवक्ता का बेटा ले आया नकली नोटों की खेप:जयपुर निकाय चुनाव में 4.30 लाख खपाने की थी तैयारी, पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा था जयपुर में पकड़े गए नकली नोट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया था। 4 लाख 30 हजार 500 रुपए के नकली नोट के साथ गिरफ्तार आरोपियों में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी का बेटा साहिल भी शामिल था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया था। पुलिस को अंदेशा है कि साहिल ही नकली नोटों का जखीरा जयपुर लाया था। (पूरी खबर पढ़ें)