मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू और कोविड जैसे श्वसन रोगों की आशंका को देखते हुए झालावाड़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जयपुर मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद विभाग ने जिले के अस्पतालों में जांच, इलाज, दवाइयों की उपलब्धता और संक्रमण से बचाव की व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी श्वसन संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच कराने की अपील की है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को श्वसन रोगों की रोकथाम और बचाव के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने और मरीजों में श्वसन रोगों के लक्षण सामने आने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उपचार शुरू करने को कहा है। खांसी-छींक की बूंदों से फैल सकता है संक्रमण उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लेखराज मालव ने बताया कि श्वसन रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों, संक्रमित सतह को छूने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से फैल सकते हैं। संक्रमण से बचाव के लिए खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखने, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने और बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो तो रहें सतर्क स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर इसे सामान्य मौसमी बीमारी मानकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच और उपचार कराना जरूरी है। लक्षणों को नजरअंदाज न करें सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने आमजन से मौसम परिवर्तन के दौरान स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, बदन दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर से उचित परामर्श लें।